चुनाव 2009

 

कांग्रेस अध्यक्ष का भाषण

जनसभा

यवतमाल-महा0

10 अप्रैल, 2009

 

बुजुर्गो, बहनो और भाइयो,

       यह चुनाव का मौक़ा है। कुछ ही दिन के बाद आप लोकसभा के लिए जनादेश देंगे। इसी सिलसिले में कुछ बातें करने मैं आज आपके बीच आयी हूं। हम कांग्रेस के लोगों को नेहरू जी की यह बात हमेशा याद रहती है कि 'और सब चीज़ें इंतज़ार कर सकती हैं, खेती इंतज़ार नहीं कर सकती'। कांग्रेस की सोच इस बात से ज़ाहिर होती है। इस सोच के पीछे गांधी जी की प्रेरणा है, जो किसी भी काम की जांच करने की कसौटी इसको मानते थे, कि उस काम से सबसे कमज़ोर आदमी को क्या लाभ हो रहा है?

       पिछले वर्षों में विदर्भ के किसानों को काफ़ी संकट झेलने पड़े थे। उनकी तक़लीफ़ को देखकर प्रधानमंत्री डॉ0 मनमोहन सिंह जी ने विदर्भ के लिए तीन हज़ार करोड़ रुपये से भी ज़्यादा के एक ख़ास राहत Package की घोषणा की थी। अमरावती, वर्धा, यवतमाल, वाशिम, अकोला और बुलढाना के किसानों को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण क़दम उठाए। आत्म-हत्याओं से प्रभावित परिवारों को लाखों रुपयों की मदद भी दी गयी। लोग किसान को अन्नदाता कहते हैं, मैं तो किसान को देश का जीवनदाता कहती हूं। जब जीवनदाता का ही अपना जीवन कष्टों से भर जाए तो कैसे कोई ज़िम्मेदार सरकार देखती रह सकती है? इसीलिए हमारी केंद्र सरकार ने किसानों के सिर से कर्ज़ का बोझ हटाने के लिए पैंसठ हज़ार करोड़ रुपयों की कर्ज़-माफ़ी योजना लागू की। महाराष्ट्र की सरकार ने इसके ऊपर से छः हज़ार करोड़ रुपयों के कर्ज़ और माफ़ किए। दो हज़ार चार के चुनावों में अपने घोषणा-पत्र में हमने कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य दो हज़ार रुपये से बढ़ाकर दो हज़ार सात सौ रुपये Quintal करने का वादा किया था,

लेकिन मुझे खुशी हुई, कि हमारी राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर तीन हज़ार रुपये कर दिया। जिससे विदर्भ के किसानों को राहत मिली।

       हम यह मानते हैं, कि गांवों के विकास के बिना, देश का सही विकास नहीं हो सकता। इसीलिए गांवों में बुनियादी सुविधाएं देने के लिए केंद्र सरकार ने भारत-निर्माण जैसा कार्यक्रम बनाया है। राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के माध्यम से गांवों में बिजली पहुंचाई जा रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन से गांवों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ायी गयी हैं। प्रधानमंत्री सड़क योजना के ज़रिए गांवों में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। सर्व-शिक्षा अभियान के माध्यम से शिक्षित समाज बनाया जा रहा है। दोपहर के भोजन योजना से पंद्रह करोड़ से भी अधिक बच्चों को लाभ पहुंच रहा है। ग्रामीण इलाक़ों के ग़रीबों को रोज़गार दिलाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना देश के सभी ज़िलों में लागू की गयी है। असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों के लिए एक नया कानून बनाया है और उनके लिए बीमा योजना और वृद्धावस्था पेंशन योजना शुरू की है। अक्लियतों के लिए एक नया मंत्रालय बनाया है और सच्चर कमेटी की सिफ़ारिशों को लागू किया जा रहा है। आदिवासी भाइयों का जीवन खुशियों से भरा हो, इसके लिए Tribal Bill और उनके बच्चों के लिए Scholarship की व्यवस्था की है। इसके अलावा उनके पुनर्वास और विस्थापन पर भी ख़ास ध्यान दे रहे हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए जहां तमाम कानून बनाए गये हैं, वहीं कई योजनाओं के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों के ज़रिए उन्हें आर्थिक तौर पर, आत्म-निर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी तरह हमारी तमाम योजनाओं और कार्यक्रमों में दलित, पिछड़े और दूसरे कमज़ोर वर्गों का ख़ास ध्यान रखा गया है। यह सब आपके सामने है और हमारा वादा है, कि हम भविष्य में भी इन सभी और नयी योजनाओं को और कारगर तरीक़े से लागू करेंगे। 

 

       हमें अपने कामों और अपनी नीयत पर भरोसा है। हम मानते हैं कि पारदर्शी प्रशासन लोकतंत्र की पहचान है, इसीलिए हमने सूचना के अधिकार को कानूनी रूप दिया है, जिससे आप जान सकें कि विकास का पैसा किस तरह खर्च हो रहा है? सरकारी काम किस तरह चल रहा है? 

       आप जानते हैं, कि यहां से हमारे उम्मीदवार बंजारा समाज से हैं। हमें बंजारा भाइयों के हितों का ध्यान है। हम सत्ता के लिए सिर्फ़ समाज के सभी वर्गों की बात नहीं करते, बल्कि उनके लिए काम करते हैं।        

       मैं यह बात दावे के साथ कह सकती हूं, कि जिस तरह पिछले पांच वर्षों में केंद्र की हमारी गठबंधन सरकार ने हर क्षेत्र में अपने वादे पूरे किए हैं, सफलता पायी है। आने वाले समय में इससे भी ज़्यादा काम करके दिखाएंगे।

बहनो और भाइयो,

       देश की शक्ति के लिए राजनीतिक स्थिरता के लिए, मज़बूत सरकार चाहिए, दूर-दर्शी नेतृत्व चाहिए, अनुभव, योग्यता और ईमानदारी चाहिए। यह सब क्या इकलौता मोर्चा, दूसरा, तीसरा मोर्चा, भाजपा-शिवसेना में है? बिल्कुल नहीं, ये सब हमारी UPA में है, डॉ0 मनमोहन सिंह जी में है।

       अंत में मैं आपसे एक बात और कहना चाहती हूं, देश की सभी समस्याओं का हल हमारी सामाजिक एकता, हमारी राष्ट्रीय एकता से ही निकल सकता है। इसीलिए हमने हमेशा सामाजिक सद्भावना और भाई-चारे पर ज़ोर दिया है। कांग्रेस ही सही मानी में राष्ट्रीय एकता की पार्टी है, प्रगति और विकास की पार्टी है।

       इसीलिए मेरा आपसे निवेदन है, कि अपना एक-एक वोट कांग्रेस-NCP के सभी उम्मीदवारों को देकर भारी बहुमत से जिताएं और देश को विकास की बुलंदियों तक पहुंचाने में अपना योगदान दें।

       इन्हीं शब्दों के साथ आप सबको इस सभा में आने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

       जय-हिंद।

 


 
 

 

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