चुनाव 2009

 

कांग्रेस अध्यक्ष का भाषण

जनसभा

विजयनगरम्‌-आंध्र प्रदेश

7 अप्रैल, 2009

 

बुजुर्गो, बहनो और भाइयो,

       जब भी मैं आपके यहां आती हूं, मुझे आपका हमारे परिवार के प्रति प्यार याद आता है। इस क्षेत्र की याद मेरे लिए और भी महत्वपूर्ण इसलिए है, क्योंकि देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने से पहले, राजीव जी ने विशाखापत्तनम में ही अपनी आख़िरी सभा की थी।

       राजीव जी आंध्र प्रदेश की हर तरह से खुशहाली चाहते थे। भारत को दुनिया में ताक़तवर बनाने का सपना उनके मन में था। मुझे खुशी है, कि आंध्र प्रदेश उनके ब्वउचनजमत युग के सपने को पूरा करने में आज बहुत महत्वपूर्ण स्थान बना चुका है। मुझे खुशी है, कि राजीव जी के सपनों के मुताबिक यहां हमारी प्यारी बहनें पंचायत-राज संस्थाओं में नेतृत्व कर रही हैं। मेरी ओर से आंध्र प्रदेश की जनता को बहुत-बहुत बधाई। नेहरू जी, इंदिरा जी और राजीव जी का सपना था, भारत खुशहाल और आत्म-निर्भर बने। हमने पिछले पांच सालों में डॉ0 मनमोहन सिंह जी के नेतृत्व में सारे देश में और राजशेखर रेड्डी के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश में सरकार चलायी है और आज फिर आपका जनादेश पाने के लिए आपके बीच आयी हूं।         

       आज कल मोर्चे खोलने का एक नया फ़ैशन चला है। तीसरा मोर्चा- तीसरा मोर्चा तो क्या, मैं तो कहती हूं चौथा, पांचवां, छठा मोर्चा भी खुल जाए। पर है कोई, जो कांग्रेस की तरह ग़रीबी के ख़िलाफ़, बेकारी के ख़िलाफ़, सांप्रदायिकता और आतंक के ख़िलाफ़, पिछड़ेपन और अशिक्षा के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलकर लगातार लड़ाई कर सके?

हंसने की बात यह है, कि आपके यहां तीसरा मोर्चा के TDP के नेता, जो अपने को Secular कहते हैं, कल तक वह उस BJP.NDA सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे थे, जिसके राज में जगह-जगह, भ्रष्टाचार, रिश्वत-खोरी, घपले-घोटाले, तहलका काण्ड और गुजरात में भयंकर दंगे हो रहे थे, उनके लिए उस समय सब कुछ ठीक दिख रहा था। भाजपा को कल तक खूब समर्थन दिया। अगर TDP की निगाह में यही Secularism है, तो मैं आंध्र प्रदेश के भाई-बहनों को ऐसे Secular लोगों से सावधान करना चाहूंगी।

       हम आज जनादेश मांग रहे हैं, डॉ0 मनमोहन सिंह जी की सरकार के काम के आधार पर और भविष्य की हमारी योजनाओं के आधार पर। आज राजशेखर रेड्डी और उनके साथियों के काम के आधार पर जनादेश मांग रही हूं। आप जानते ही हैं, कि कितनी विपरीत परिस्थितियों में पांच साल पहले केंद्र में हमारी सरकार बनी थी। भाजपा-TDP के खोखले वादों और कारनामों से चारो तरफ़ लोग दुखी और परेशान थे।

       लेकिन हम मज़बूत इरादे और संकल्प के साथ इससे निपटे। हमने ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना लागू की, जिससे जिन लोगों को मजबूरी में रोज़गार की तलाश में अलग प्रदेशों में जाना पड़ता था, अब उनके यहां ही सौ दिन का रोज़गार कानूनी तौर पर मिलता है। असंगठित क्षेत्र में मज़दूर भाई-बहनों के हक़ों के लिए नया कानून बनाया और कई योजनाएं लागू कीं। महिलाओं के लिए कानून बनाने के साथ-साथ स्वयं-सहायता समूहों के ज़रिए उन्हें आत्म-निर्भर बनाने जैसी योजना शुरू की गयी है। आंगनवाड़ी की मेरी प्यारी बहनों का वेतन बढ़ाया गया है।

       देश भर के सरकारी स्कूलों में पंद्रह करोड़ बच्चों को दोपहर के भोजन का लाभ मिल रहा है। किसान देश का अन्नदाता है, हमने किसानों की तक़लीफ़ देखकर उनके लिए इकहत्तर हज़ार करोड़ रुपये के कर्ज़ माफ़ किए। जिससे उनके जीवन में एक नयी रोशनी आयी।

आपके आंध्र प्रदेश में भी चौसठ लाख हमारे किसान भाइयों को इसका फ़ायदा मिला है। भारत-निर्माण कार्यक्रम के अंतर्गत सिंचाई, पक्की सड़कें, ग़रीबों के लिए मकान, पीने का पानी, बिजली जैसे विकास का लाभ गांवों की जनता को मिले।

       फिर भी कुछ लोगों को डॉ0 मनमोहन सिंह जी में कमी दिखायी देती है। ऐसे लोग आतंकवाद जैसी गंभीर राष्ट्रीय चुनौती को भी सांप्रदायिक चश्में से देखते हैं। हर तरह के आतंकवाद का मुक़ाबला हम सबको मिलकर करना है। आतंकवाद जैसे मुद्दे पर खुद को बहादुर समझने वालों का हाल यह है, कि उनके गृहमंत्री होते हुए, आतंकवादियों को मेहमानों की तरह छोड़ने जाते हैं और वही आतंकवादी हमारी संसद् और देश के दूसरे हिस्सों में एक के बाद एक हमले किए। आज वही गृहमंत्री, प्रधानमंत्री बनने के सपने देख रहे हैं।

       ख़ैर, उनको सपने देखने का पूरा हक़ है। हमारा तो सपना यह है, कि भारत का तेज़ी से विकास हो और देश का हर नागरिक- जाति, धर्म, प्रांत, भाषा-- किसी भी तरह के भेद-भाव के बिना इस विकास में भागीदार बने। हम तो अपनी राजनीति की सफलता इसमें मानते हैं, कि देश के नौजवान को उसके सपनों को पूरे करने की शिक्षा और उचित अवसर मिले। हर नागरिक को भूख और भय से सुरक्षा मिले। हमारे सपनों के पीछे गांधी जी, नेहरू जी, सरदार पटेल, मौलाना आज़ाद, इंदिरा जी, शास्त्री जी, राजीव जी और नरसिंह राव जी की महान् विरासत है।

       हमने दूर-दृष्टि और स्थिरता के साथ पिछले पांच सालों में केंद्र में और मुख्यमंत्री श्री राजशेखर रेड्डी ने आंध्र में सरकार चलायी है। नतीजे आपके सामने हैं। अभी-अभी राज शेखर रेड्डी ने अपनी उपलब्धियों और कामों के बारे में बताया है, मैं समझती हूं, कि जिस जी-जान तरीक़े से इन्होंने आंध्र प्रदेश के सभी वर्गों के लिए

ख़ासकर ग़रीबों, महिलाओं, नौजवानों के लिए काम किया है, पिछले दस-पंद्रह सालों में किसी ने नहीं किया।

       मैं आपको याद दिलाना चाहती हूं, कि जनता ने केंद्र और राज्य सरकार में हमें भी देखा है और हमारे विरोधियों को भी देखा है। फ़ैसला लेने का अब सही वक्त है और मैं उम्मीद करती हूं, कि आप इस मौक़े को हाथ से नहीं जाने देंगे और कांग्रेस के हाथ को जनादेश देंगे। यह जनादेश विकास, न्याय, एकता और आम आदमी के लिए होगा। आपके भविष्य के लिए होगा, आंध्र और देश के भविष्य के लिए होगा।

       इसी विश्वास के साथ मैं आपसे निवेदन करने आयी हूं, कि आप आंध्र प्रदेश की एक-एक सीट से कांग्रेस के लोक-सभा और विधान-सभा के सभी उम्मीदवारों को, भारी बहुमत से विजयी बनाकर भारत का शानदार भविष्य बनाने में अपना योगदान दें।   

       आप सब इतनी बड़ी संख्या में दूर-दूर से यहां आए, इसके लिए मैं आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूं।

       जय-हिंद।

 

 


 
 

 

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