चुनाव 2009

 

कांग्रेस अध्यक्ष का भाषण

जनसभा

सिल्चर-असम

13 अप्रैल, 2009

 

 

बुजुर्गो, बहनो और भाइयो,

       सबसे पहले कल से शुरू होने वाले पवित्र पर्व बीहू की मैं आप सभी असम के भाई-बहनों को अपनी शुभकामना देती हूं।

       आपके इस सुंदर क्षेत्र में मैं आज चुनाव के मौक़े पर आयी हूं। वैसे तो हर चुनाव का अपना महत्व होता है, लेकिन लोकसभा चुनाव में वोट देते समय हमारे सामने किसी एक गांव, शहर या राज्य की नहीं, सारे भारत की तस्वीर, सारे देश के भविष्य का सपना होता है।

       असम के महान् नेताओं और सपूतों की सोच यही रही है, कि देश के विकास के साथ-साथ असम भी क़दम से क़दम मिलाकर चले और इसके लिए उन्होंने सिर्फ़ अपनी ज़िम्मेदारी ही नहीं निभायी, बल्कि बढ़-चढ़ कर योगदान भी दिया, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। मुझे इस बात का संतोष है, कि मुख्यमंत्री तरुण गोगोई और उनके साथी भी आज उसी रास्ते पर चलकर असम के विकास के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।

       जो लोग विकास में कांग्रेस के योगदान पर सवाल उठाते हैं, उनसे पूछना चाहिए, कि असम में व्पस त्मपिदमतलए  दूसरे बड़े-बड़े कारखाने, रेल सुविधाएं, डमकपबंस ब्वससमहमए शिक्षा संस्थाएं, न्दपअमतेपजपमेए ैचवतजे  ैजंकपनउेए थ्वनत स्ंदम ैजंजम ीपहीूंल, अस्पताल, बिजली, पानी की परियोजनाएं और विकास के दूसरे महत्वपूर्ण काम यहां जो हुए हैं, वह किसके ज़माने में हुए हैं। हमारी केंद्र और राज्य सरकारों के ज़माने में हुए हैं।

हम साफ़ तौर पर बता देना चाहते हैं, भाजपा-।ळच् को, कि असम के विकास की नींव तो हमने तब रख दी थी, जब आपका जन्म भी नहीं हुआ था।

       भाजपा-।ळच् को यह विकास दिखाई नहीं देता है, क्योंकि विकास के काम करना इनके बस का नहीं है। BJP.।ळच् सिर्फ़ झूठे और बनावटी आरोप लगाकर विरोध की राजनीति करते हैं। इसीलिए जनता इन्हें नकार देती है।

       मैं कहना चाहती हूं, सांप्रदायिक, जातिवादी और अलगाववादी ताक़तों से, कि कांग्रेस पार्टी ने फ़िरकापरस्ती को कभी बर्दाश्त नहीं किया और कभी नहीं करेगी। हम इसका जवाब विकास के रास्ते से देंगे और दे रहे हैं। हम मिल-जुलकर समस्याओं का हल निकालेंगे और असम को आगे बढ़ाएंगे।

       आज वे लोग हम पर आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में कमज़ोरी दिखाने का आरोप लगा रहे हैं। ये लोग क्या किए? जो हमारी जेलों में बंद आतंकवादियों को खुद मेहमानों की तरह अफ़गानिस्तान पहुंचाने जाते हैं, वही आतंकवादी वहां से हमारी संसद् पर हमले की योजना बनाए। हम आतंकवाद का मुक़ाबला करने में पूरी तरह काबिल हैं। आप सबको पता है, कि मुंबई पर हमला करने वालों के पीछे जो लोग थे, हमारी सरकार की सूझ-बूझ और मज़बूती के कारण उन्हें रास्ते पर आना पड़ा और असलियत को स्वीकारना पड़ा है। भीतर की फ़िरकापरस्त ताक़तों का जवाब हमें अपनी एकता से देना है।

       मुझे दुःख है, कि यहां के नौजवान अलगाववादी संगठनों के बहकावे में जाते हैं, उनसे मुझे कहना है, कि हिंसा की राजनीति से किसी का भला नहीं होता।

किसी भी समस्या का हल लोकतांत्रिक तरीक़े से ही हो सकता है। हिंसा का रास्ता आपके हित में है, और ही देश के हित में है।

       नयी सदी नौजवानों की है। आज हमारे देश में सौ में से सत्तर लोग पैंतीस साल से कम उम्र के हैं। असम के नौजवान भी अपने सपने पूरे करना चाहते हैं। कांग्रेस पार्टी उनके साथ है और सभी ज़रूरी साधन उन्हें उपलब्ध कराना हमारी ज़िम्मेदारी बनती है।

       आप जानते हैं, कि राजीव जी को असम से कितना प्यार था। वे असम और असम के नौजवानों की तरक़्की के लिए कितना सोचते थे और करते थे। असम में अमन-चैन और शांति की बहाली के लिए उन्होंने ही असम समझौता किया था।

       आज यह भी कितनी खुशी की बात है, कि प्रधानमंत्री डॉ0 मनमोहन सिंह जी जैसा योग्य, अनुभवी और साफ़-सुथरा व्यक्ति असम से संसद् के सदस्य हैं। उनके नेतृत्व में केंद्र सरकार ने देश भर के विकास के लिए अनेक ऐतिहासिक काम किए हैं, योजनाएं और कार्यक्रम बनाया ही नहीं, बल्कि ज़िम्मेदारी के साथ लागू भी किया है। जिसका लाभ देश के साथ-साथ असम के भाई-बहन भी उठा रहे हैं। मिसाल के तौर पर ग्रामीण भारत के बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने के लिए 'भारत-निर्माण कार्यक्रम' शहरों के विकास के लिए जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन शुरू किया गया है। अक्लियतों की तरक़्की के लिए अलग से एक नया मंत्रालय बनाने के साथ ही सच्चर कमेटी की सिफ़ारिशों पर भी अमल किया जा रहा है। मेरी प्यारी बहनों के सशक्तिकरण के लिए जहां कई कानून बनाए गये हैं, वहीं स्वयं-सहायता समूहों के ज़रिए उन्हें आर्थिक तौर पर आत्म-निर्भर बनाया जा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाया गया है। आदिवासी भाई-बहनों के हक़ों को ध्यान में रखकर Tribal Bill पास किया है।

उनके बच्चों की उचित शिक्षा के लिए तमाम नवोदय विद्यालयों की स्थापना के अलावा Scholarship की व्यवस्था की है। इसी तरह असंगठित क्षेत्र के मज़दूर भाई-बहनों के लिए कानून बनाने के साथ ही बीमा योजना और वृद्धावस्था पेंशन योजना शुरू की है।

       विकास के इतने काम, इतने कम समय में हुए हैं, कि हमारे विरोधियों को बोलने के लिए कुछ नहीं मिलता। आज हमारा पूरा ध्यान समाज के सभी वर्गों की बुनियादी ज़रूरतों पर है, ज़्यादा ध्यान ग़रीब और कमज़ोर वर्गों पर है, महिलाओं और नौजवानों पर है। असम और पूरे देश के विकास पर है।

       मैं इसी सबके लिए फिर से आपका समर्थन और सहयोग मांगने आयी हूं। असम की जनता ने हमेशा से राष्ट्र के हित में निर्णय लिया है। आज एक बार फिर उसी की ज़रूरत है और मुझे विश्वास है, कि आप सही निर्णय करेंगे।

       आपका एक-एक वोट कांग्रेस को ही नहीं, देश को मज़बूत बनाएगा। इसलिए मेरा निवेदन है, कि चुनाव के दिन आप अपना एक-एक वोट कांग्रेस के सभी उम्मीदवारों को देकर भारी बहुमत से विजयी बनाएं, डॉ0 मनमोहन सिंह जी के हाथ को मज़बूत करें और केंद्र में एक मज़बूत और स्थायी सरकार बनाने में अपना योगदान दें।

       इन्हीं शब्दों के साथ मैं इस सभा में आने के लिए आप सबको धन्यवाद देती हूं। 

       जय-हिंद।

 


 
 

 

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