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चुनाव
2009
कांग्रेस
अध्यक्ष
का
भाषण
जनसभा
सरकंडा-बिलासपुर
(छत्तीसगढ़)
14
अप्रैल,
2009
बुजुर्गो, बहनो और भाइयो,
आज मैं अंबेडकर जयंती के दिन आपके बीच आयी हूं। इसलिए सबसे पहले आपके साथ मिलकर डॉ0 अंबेडकर के प्रति अपना संमान एवं श्रद्धा व्यक्त करती हूं।
मुझे छत्तीसगढ़ आकर हमेशा बेहद खुशी होती है।
यह सुंदर प्रकृति और प्राकृतिक दौलत की धरती है। इसी के साथ देश-भक्तों, स्वाधीनता सेनानियों और मेहनती किसानों की धरती है।
पर सवाल यह है, कि आप लोग देश को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं? जात-धर्म के नाम पर, लोगों को बांटने वाले रास्ते पर या सबको मिलाकर एक जुट करके साथ-साथ आगे बढ़ने के रास्ते पर?
एक तरफ़ आपके सामने कांग्रेस पार्टी है, जिसने शुरू से ही समाज के हर एक वर्ग और देश के हर क्षेत्र के लिए लगातार संघर्ष करती रही है और कर रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार योजना आज देश भर में लागू की गयी है, हर घर के बेरोज़गारों को, इसका लाभ मिल रहा है। देश के अन्नदाता किसानों, जिन्हें मैं जीवन-दाता कहती हूं, उनकी तक़लीफ़ों को देखते हुए हमारी केंद्र सरकार ने, देश के चार करोड़ से भी अधिक किसानों का पैंसठ हज़ार करोड़ रुपये का कर्ज़ माफ़ करके उनके परिवारों के जीवन के एक नयी रोशनी पैदा किया है। नब्बे प्रतिशत असंगठित क्षेत्र के मज़दूर भाई-बहनों को उनके अधिकार दिलाने का कानून के साथ-साथ बीमा योजना और वृद्धावस्था पेंशन योजना शुरू की है।
हमने अपने आदिवासी भाइयों को जंगल की ज़मीन और उसकी उपज पर अधिकार दिलाने के लिए एक नया कानून बनाने के साथ ही दलित, आदिवासी और अक्+लियत बच्चों की शिक्षा के लिए तमाम शिक्षा संस्थाएं, नवोदय विद्यालय और कॉलेज खोले हैं, Scholarship की भी व्यवस्था की है।
इस बात का मुझे एहसास है, कि जब विकास के काम होते हैं, तो हमारे कुछ भाई-बहनों को परेशानी भी उठानी पड़ती है, इसी सबको ध्यान में रखकर हमने एक पुनर्वास और विस्थापन का ऐसा कानून बनाया है, कि विकास का काम शुरू करने से पहले उनका पुनर्वास और विस्थापन करना ज़रूरी होगा।
सरकारी स्कूलों में बच्चों को दोपहर के भोजन की योजना लागू की है। अपनी प्यारी बहनों के सशक्तिकरण के लिए जहां हमने तमाम कानून बनाए हैं, वहीं स्वयं-सहायता समूहों के ज़रिए, उन्हें आर्थिक तौर पर आत्म-निर्भर बनाने का प्रयास किया है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोत्तरी की। अक्लियतों के उत्थान के लिए अलग से नया मंत्रालय बनाने के साथ ही सच्चर कमेटी की सिफ़ारिशें लागू की जा रही हैं। ये कुछ मिसालें हैं।
दूसरी तरफ़ आप तुलना कीजिए हमारे विरोधियों की करतूतों की। ज+रा पूछिए हमारे विरोधियों से, भाजपा के लोगों से - जो हमारे ऊपर, कांग्रेस के ऊपर हर तरह के ग़लत इल्ज़ाम लगाते हैं। अपने शासन-काल के दौरान उन्होंने अब तक किसान के लिए क्या किया? मज़दूर भाइयों के लिए क्या किया है? ग्रामीण बेरोज़गारों के लिए क्या किया? मेरी बहनों के लिए क्या किया? दलित, आदिवासी और अक्लियतों के लिए क्या किया? और भविष्य के लिए उनकी क्या योजना है?
जबकि हमने आप लोगों के हित में, छत्तीसगढ़ के विकास के हित में जो योजनाएं और कार्यक्रम बनाए, उन्हें लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार को करोड़ों-करोड़ रुपये दिए हैं, जिससे इन्हें लागू कर आप सबकी ज़िंदगी खुशियों से भरी जा सके, लेकिन अफ़सोस है, कि उन पैसों और योजनाओं का असर कहीं नज़र नहीं आ रहा है।
जिस तरीक़े से हमने पिछले पांच साल में बिना भेद-भाव के समाज के सभी वर्गों के हित में काम किए हैं, योजनाएं लागू की हैं, हमारा वादा है, कि आगे भी हम और अधिक दिलो-जान से काम करेंगे। हम उनमें से नहीं हैं, कि कभी जात और धर्म के नाम पर तो कभी प्रांत और क्षेत्र के नाम पर, तो कभी भाषा और ज+बान के नाम पर, लोगों को लड़वाएं। कुछ लोगों की राजनीतिक रोटी इसी पर सिंकती है। हमारा भारत एक बहुत बड़ा राष्ट्र है, इसे चलाने के लिए बड़ी सोच ही नहीं, एक बड़ा दिल चाहिए और ऐसी बड़ी सोच और बड़ा दिल कहीं है, तो वह है कांग्रेस पार्टी में।
हमारी उपलब्धियां आपके सामने हैं, लेकिन हमारे सामने चुनौतियां अभी भी हैं। आपको मालूम है, कि हमारी प्रगति से कुछ लोगों के मन में जलन होती है। वे तरह-तरह की बाधाएं खड़ी करने की कोशिशें करते हैं। आतंकवाद भी एक ऐसी ही कोशिश है, चुनौती है। हम आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में पूरी तरह काबिल हैं। हम भाजपा जैसे नहीं हैं, कि हमारी जेलों में बंद आतंकवादियों को मेहमानों की तरह अफ़गानिस्तान ले जाकर छोडे+ं। आपको याद होगा, उस समय के बारे में- मज़बूत नेता कहते हैं, कि अफ़गानिस्तान के बारे में उनको कुछ पता ही नहीं था। अरे, अगर उनके पीछे गृहमंत्री के इस तरह का षड़यंत्र रचाया, जब सच सामने आया, तो इस्तीफ़ा क्यों नहीं दिया। लेकिन अगर वाजपेई जी और जसवंत सिंह दोनों ने कहा कि आडवाणी जी को सब कुछ मालूम था, तो इसका क्या मतलब?
इसका मतलब है कि आडवाणी जी सत्य और असत्य की कोई परवाह नहीं करते, खै+र सोचने की बात है। हमारी वही पार्टी है, जिसके नेताओं इंदिरा जी और राजीव जी देश के लिए, देश की एकता के लिए शहीद हुए।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है, कि आतंकवाद के साथ-साथ तमाम चुनौतियों का मुक़ाबला करने के लिए केंद्र में एक मज़बूत सरकार चाहिए। देश की शक्ति के लिए, राजनीतिक स्थिरता के लिए, मज़बूत सरकार चाहिए, दूर-दर्शी नेतृत्व चाहिए, अनुभव, योग्यता और ईमानदारी चाहिए। यह सब कांग्रेस पार्टी में हैं, डॉ0 मनमोहन सिंह जी में है।
अंत में मैं आपसे एक बात और कहना चाहती हूं, देश की सभी समस्याओं का हल हमारी सामाजिक एकता, हमारी राष्ट्रीय एकता से ही निकल सकता है। इसीलिए कांग्रेस ने हमेशा सामाजिक सद्भावना और भाई-चारे पर ज़ोर दिया है। कांग्रेस ही सही मानी में राष्ट्रीय एकता की पार्टी है, प्रगति और विकास की पार्टी है।
इसीलिए मेरा आपसे निवेदन है, कि चुनाव के दिन अपना एक-एक वोट कांग्रेस पार्टी के सभी उम्मीदवारों को देकर उन्हें भारी बहुमत से जिताएं, केंद्र में एक स्थायी और मज़बूत सरकार बनाकर देश के विकास में अपना योगदान दें।
इन्हीं शब्दों के साथ आप सबको इस सभा में आने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।
जय-हिंद।
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