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चुनाव
2009
कांग्रेस
अध्यक्ष
का
भाषण
जनसभा
साकोती-भंडारा
(महा0)
10
अप्रैल,
2009
बुजुर्गो,
बहनो और
भाइयो,
मैं आपके
साथ-साथ विदर्भ
की धरती
और विदर्भ
के वासियों
को पूरे
मन से नमस्कार
करती हूं।
मैं जानती
हूं, कि
विदर्भ का
महत्व भारत
के इतिहास
में हमेशा
रहा है
और हमेशा
रहेगा। मैं
विदर्भ को
यूं भी
देश का
एक अनमोल
प्रतीक मानती
हूं, शायद
ही और कोई
इलाक़ा होगा
देश में,
जहां इतनी
भाषाएं बोली
और समझी
जाती हों,
जितनी कि
विदर्भ में।
यही तो
अनोखी महानता
है, हमारे
देश की।
रंग-रंग के
फूल, मगर
सब एक गुलदस्ते
में, कुछ
लोग चाहते
हैं, कि
यह फूल
बिखर जाएं
और मुरझा
जाएं। वह
आए दिन
हिंसा और
दंगों के
ज़रिए यह
कोशिश करते
रहते हैं,
मगर वह
कामयाब नहीं
हो सकते।
कांग्रेस
भारत के
गुलदस्ते
की वह डोर
है, जिसमें
सारे धर्मों,
सारी भाषाओं
के फूलों
को एक साथ
जोड़ कर
रखा है
और हमेशा
की तरह
आज भी संकल्प-बद्ध
है कि,
वह विदर्भ
की हवाओं
में सांप्रदायिकता
का ज़हर
घुलने नहीं
देगी। जो
इस तरह
की हरक़तों
में शामिल
हैं,उनको सख़्ती
से कानूनी
तरीक़े से
रोकना चाहिए।
महाराष्ट्र
में यह
संघर्ष पहले
भी बिल्कुल
साफ़ था
और आज भी
बिल्कुल साफ़
है। हम
नहीं चाहते,
कि समाज
को तोड़ने
वाली सांप्रदायिक
ताक़तें महाराष्ट्र
और देश
पर हुकूमत
करें। इसीलिए
हमने NCP
के साथ
ताल-मेल किया।
हमारे लिए
चुनाव दूसरी
पार्टियों
की तरह
केवल सत्ता
का खेल
नहीं है।
हमारे लिए
यह विचारधारा
की लड़ाई
है और विचारधारा
एक दिन
में नहीं
बनती, बड़े
संघर्ष से
बनती है।
देश भी
एक दिन
में नहीं
बनता, बड़े
संघर्ष से
बनता है
और हमने
यह ऐतिहासिक
काम पूरी
सफलता के
साथ किया
है।
अपने वादे
निभाना और
निष्ठा के
साथ समाज
और देश
की सेवा
करना, हमारी
परंपरा है।
जवाहरलाल
नेहरू और
तमाम उनके
साथियों ने
गांधी जी
की शिक्षा
के अनुसार
इसी भावना
से एक नये
और समर्थ
भारत की
बुनियाद रखी।
हरित-क्रांति
और संचार-क्रांति
जैसे काम
इंदिरा जी
और राजीव
जी जैसे
हमारे नेताओं
की दूर-दृष्टि
का ही परिणाम
है। इसी
परंपरा के
मुताबिक डॉ0
मनमोहन सिंह
जी के नेतृत्व
में हमारी
केंद्र सरकार
ने भी पिछले
पांच वर्षों
में काम
किया है।
जब दो हज़ार
चार में
कांग्रेस
और NCP
ने यह बीड़ा
उठाया था,
कि वह किसानों
की समस्याओं
को जिस
हद तक हो
सकेगा, मिटाकर
रहेगी, इसी
का नतीजा
है, कि
हमने किसानों
को पैंसठ
हज़ार करोड़
रुपये की
कर्ज़-माफ़ी
दी। विदर्भ
के किसानों
की तक़लीफ़
को देखकर
उनकी सहायता
के लिए
हमारी केंद्र
सरकार ने
तीन हज़ार
करोड़ रुपयों
का विशेष
Package
दिया और
उनके कर्ज़
माफ़ किये,
खाद में
छूट दी,
ब्याज़ दर
घटाई। राज्य
सरकार ने
भी विदर्भ
के लिए
छः हज़ार
दो सौ करोड़
का विशेष
प्रावधान
किया। हम
जानते हैं,
कि जब तक
किसानों को
सभी ज़रूरी
सुविधाएं
नहीं मिलतीं,
तब तक हमारा
देश सही
मानी में
आगे नहीं
बढ़ सकता।
वहीं दूसरी
तरफ़ नरेगा
जैसी ऐतिहासिक
योजना के
ज़रिए देश
में चार
करोड़ से
ज़्यादा मज़दूरों
को रोज़गार
मिला है।
मुझे कहते
हुए खुशी
है, कि
इस ऐतिहासिक
योजना की
प्रेरणा महाराष्ट्र
से मिली,
क्योंकि अकेले
महाराष्ट्र
में लगभग
तीन लाख
लोगों को
रोज़गार दिया
गया। अक्लियतों
के उत्थान
के लिए
एक अलग
मंत्रालय
बनाया, हमारे
आदिवासी भाई-बहनों
के अधिकारों
की रक्षा
के लिए
एक ख़ास
कानून बनाकर
जंगल की
ज़मीन और
छोटी उपज
का अधिकार
दिया। महिलाओं
के लिए
हमने जो
कानून बनाए,
जो योजनाएं
लागू कीं
और जो भी
करने वाले
हैं, उसका
मुक़ाबला इस
देश की
कोई राजनीतिक
पार्टी नहीं
कर सकती।
कोई भी
समाज बिना
महिलाओं की
भागीदारी
के और उनकी
तरक़्की के
आगे नहीं
बढ़ सकता।
असंगठित क्षेत्र
के भाई-बहनों
के लिए
कानून बनाने
के साथ
ही बीमा
योजना और
वृद्धावस्था
पेंशन योजना
लागू किया
है। इसी
तरह दलित,
पिछड़े और
दूसरे कमज़ोर
वर्गों के
हितों को
ध्यान में
रखते हुए
बहुत सी
योजनाएं और
कार्यक्रम
शुरू किए
हैं और
लागू किया
है, उनके
बच्चों की
उचित शिक्षा
के लिए
नवोदय विद्यालय,
तकनीकी शिक्षा
संस्थाएं
खोलने के
साथ ही
Scholarship
ख़ासकर उनकी
लड़कियों के
लिए व्यवस्था
की। सरकारी
स्कूलों में
दोपहर का
भोजन करोड़ों
बच्चों को
मिल रहा
है। भारत-निर्माण
योजना के
ज़रिए गांवों
का बुनियादी
ढांचा मज़बूत
किया जा
रहा है।
इसके अलावा
आपके इस
इलाक़े के
लिए केंद्र
और राज्य
से बहुत
सुविधाएं
लागू की
हैं। ज़ाहिर
है, कि
भविष्य में
भी लगातार
इसी तरह
के काम
करके आप
सबकी समस्याओं
के लिए
हम संघर्ष
करते रहेंगे।
मैं एक
बात आप
सबसे कहना
चाहती हूं,
कि सांप्रदायिक,
क्षेत्र-वादी
और जातिवादी
लोगों से
अब देश
जाग चुका
है। लोग
ऐसी पार्टियों
की सरकार
नहीं चाहते,
जिनकी वजह
से दंगे
होते हैं,
जिनके भाषण
लोगों के
अंदर ज़हर
घोलते हैं,
जो ख़तरनाक
आतंकवादियों
को हमारी
जेलों से
निकाल कर,
मेहमानों
की तरह
दूसरे देशों
में आज़ाद
कर आते
हैं।
क्या इनमें
से है कोई
नेता और
पार्टी, जो
हमारी तरह
ग़रीबी के
ख़िलाफ़, बेकारी
के ख़िलाफ़,
सांप्रदायिकता
और आतंक
के ख़िलाफ़,
पिछड़ेपन और
अशिक्षा के
ख़िलाफ़ मोर्चा
खोलकर जनता
की लड़ाई
लड़ सके?
बिल्कुल नहीं।
हमारे प्रधानमंत्री
डॉ0 मनमोहन
सिंह जी
एक ऐसे
नेता हैं,
जिनके पास
योग्यता, अनुभव
और काबिलियत
है, जिनकी
संतुलित और
दूर-दर्शी
विचार-धारा
है, जिनमें
निष्ठा और
समर्पण के
साथ सबको
साथ लेकर
एक मज़बूत
और स्थायी
सरकार चला
सकते हैं,
हमारी सरकार
चला सकते
हैं।
इसीलिए मेरा
आपसे निवेदन
है, कि
चुनाव के
दिन अपना
एक-एक वोट
पूरे महाराष्ट्र
में कांग्रेस
और NCP
के सभी
उम्मीदवारों
को देकर,
भारी बहुमत
से जिताएं
और महापुरुषों
की धरती
महाराष्ट्र
में सांप्रदायिक
शक्तियों
को करारा
जवाब दें।
इन्हीं शब्दों
के साथ
मैं आप
सबको इस
सभा में
आने के
लिए धन्यवाद
देती हूं।
जय-हिंद।
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