|
चुनाव
2009
कांग्रेस
अध्यक्ष
का
भाषण
जनसभा
राजमुंद्री-आंध्र
प्रदेश
18
अप्रैल,
2009
बुजुर्गो,
बहनो और
भाइयो,
गोदावरी नदी
और मंदिरों
की इस पवित्र
भूमि को
मैं प्रणाम
करती हूं।
पांच साल
पहले चुनाव
के वक्त
हमने और
आपने आपस
में वादा
किया था,
एक-दूसरे का
साथ देने
का। मुझे
इस बात
की खुशी
है, कि
हमने और
आपने यह
वादा निभाया।
कांग्रेस
पार्टी की
ओर से मैं
कह सकती
हूं, कि
हमने आम
आदमी का
साथ देने
का जो वादा
किया था,
वह आंध्र
प्रदेश में
ही नहीं,
सारे देश
में निभाया
है।
पांच साल
पहले आंध्र
प्रदेश जिस
हालत में
था, वह
आपको अभी
भी याद
होगा। किसानों
की दुःख
भरी जि+ंदगियां
और TDP
सरकार की
लापरवाही
के किस्से
सुनकर, मुझे
गहरा दुःख
होता था
और, कई
बार मैं
लोगों की
तकलीफ़ सुनने
के लिए
खुद अलग-अलग
हिस्सों में
मैं गयी
थी। आज
फिर वही
लोग बड़ी-बड़ी
बातें करके
आपको गुमराह
करने की
कोशिश कर
रहे हैं।
लेकिन आंध्र
प्रदेश के
लोग समझदार
हैं, जागरूक
हैं, सब
कुछ समझते
हैं, उनकी
आंखों में
धूल कोई
नहीं फेंक
सकता है।
आप सबको
मालूम ही
है, कि
देश को
आज़ाद कराने
से लेकर
एक नये
भारत के
निर्माण का
काम करने
तक हमारे
महान् नेताओं
चाहे वह
आंध्र प्रदेश
के हों
या देश
के दूसरे
हिस्सों के
कितना बड़ा
योगदान है।
पूरे देश
में उद्योगों,
कारखानों,
बड़े-बड़े पुल,
बांध, नहरों
का निर्माण
किया, दलितों
और आदिवासियों
को कानूनी
तौर पर
आरक्षण दिया,
LIC जैसी
संस्था की
स्थापना।
बैंकों का
राष्ट्रीयकरण
किया।
हरित-क्रांति
लाए और
उन्नीस सौा
इकहत्तर में
देश के
दुश्मनों
को हरा
कर दुनिया
का नक्शा
तक बदला।
मेरी प्यारी
बहनों को
पंचायत-राज
संस्थाओं
में तैंतीस
प्रतिशत आरक्षण
द्वारा नेतृत्व
का मौक़ा
दिया, गांव-गांव
के लोगों
के हाथ
में मोबाइल
टेलीफ़ोन, जगह-जगह
कम्प्यूटर
जो दिखायी
पड़ रहे
हैं, वह
भी कांग्रेस
की दृष्टि
का नतीजा
है।
इसी तरह
दो हज़ार
चार में
जब से केंद्र
में डॉ0
मनमोहन सिंह
जी के नेतृत्व
में हमारी
सरकार बनी,
उसने एक
से बढ़कर
एक ऐतिहासिक
योजनाओं और
कार्यक्रमों
की शुरुआत
की। देश
भर में
राष्ट्रीय
ग्रामीण रोज़गार
गारंटी योजना
लागू किया,
सरकारी स्कूलों
में बच्चों
के लिए
दोपहर के
भोजन की
योजना शुरू
की। जिससे
स्कूलों में
उनकी मौजूदगी
बढ़ी है।
युवाओं के
बेहतर भविष्य
को ध्यान
में रखकर
हमने कॉलेजों,
विश्व-विद्यालयों,
Technical
Training
संस्थानों
को बढ़ाया।
हमें मालूम
है, कि
हमारे किसान
भाइयों को
कभी सूखा,
तो कभी
बाढ़, कभी
ब्लबसवदम
तो कभी
कर्ज़, तो
कभी दूसरी
परेशानियों
से जूझना
पड़ता है।
उनकी तक़लीफ़ों
को देखते
हुए हमने
पैंसठ हज़ार
करोड़ रुपये
के कर्ज़
माफ़ किए,
बैंक ऋण
की दरों
को घटाया
और उनकी
फ़सल ख़रीद
की दरों
को इतना
बढ़ाया, जितना
पहले कभी
नहीं हुआ।
अक्लियतों
के उत्थान
के लिए
पहली बार
अलग से
मंत्रालय
बनाने के
साथ ही
सच्चर कमेटी
की सिफ़ारिशों
पर अमल
हो रहा
है। उनके
बच्चे, दलितों,
आदिवासियों
और पिछड़े
वर्ग के
बच्चों को
Scholarship
दी जा रही
है। न्दवतहंदपेमक
क्षेत्र के
मज़दूरों के
हक़ में
कानून बनाने
के साथ
ही बीमा
योजना और
वृद्धावस्था
पेंशन योजना
लागू किया
है। महिलाओं
के सशक्तिकरण
के लिए
कानून ही
नहीं बनाया,
बल्कि स्वयं-सहायता
समूहों के
ज़रिए उन्हें
आर्थिक तौर
पर आत्म-निर्भर
बनाया जा
रहा है।
जिससे
सारे देश
के साथ-साथ
आंध्र प्रदेश
की मेरी
प्यारी बहनों
के जीवन
में नयी
रोशनी आयी
है। गांवों
और शहरों
का बुनियादी
ढांचा मज़बूत
किया जा
रहा है।
सारे देश
में विकास
का जो दौर
हमारी सरकार
बनने के
बाद से
चला है,
उसका असर
उन राज्यों
में बहुत
दूर तक
पहुंचा है,
जहां कांग्रेस
की सरकार
है। आंध्र
प्रदेश की
धरती इसकी
शानदार मिसाल
है। मुख्यमंत्री
राजशेखर रेड्डी
के नेतृत्व
में यहां
की हमारी
कांग्रेस
सरकार द्वारा
लागू की
गयी तमाम
योजनाओं से
ग़रीबों और
आम आदमी
को राहत
ही नहीं,
ताक़त मिली
है, समाज
के हर वर्ग
को फ़ायदा
हुआ है।
कांग्रेस
का हाथ
'आम आदमी
के साथ
है' - चाहे
वह जिस
जाति, धर्म
या क्षेत्र
का हो।
कुछ लोगों
के लिए,
BJP.TDP
के लिए
Secularismए
ैवबपंस श्रनेजपबम
और जन-कल्याण
केवल नारे
हैं। कांग्रेस
पार्टी के
लिए ये
नारे नहीं,
ज़िंदगी के
उसूल हैं।
लेकिन कुछ
ऐसे लोग
हैं, जो
अपने निजी
स्वार्थ के
लिए, समाज
में भेद-भाव
का ज़हर
घोलकर, भाई-भाई
को लड़ाने
की कोशिश
करते हैं,
एक-दूसरे के
दिलों में
नफ़रत फैलाते
हैं। ऐसे
लोग हमारे
ऊपर आतंकवाद
के ख़िलाफ़
कमज़ोरी दिखाने
का आरोप
लगाते हैं।
पूरा देश
जानता है,
कि हमने
आतंकवाद के
सामने कभी
घुटने नहीं
टेके हैं
और न टेकेंगे।
देश की
एकता और
सामाजिक सद्भावना
के लिए
इंदिरा जी
और राजीव
जी जैसे
हमारे महान्
नेताओं ने
अपनी कुर्बानी
दी है।
भाजपा के
जो नेता
जिनके साथ
कल तक TDP
से बड़ी
दोस्ती थी,
आतंकवाद से
लड़ने की
बातें करते
हैं, उनके
शासन काल
में क्या
हुआ था,
संसद् पर
हमला, बंद
आतंकवादियों
को जेल
से निकाल
कर कंधार
ले जाकर
आज़ाद करना
देशवासी भूले
नहीं हैं,
उन्हें सब
याद है।
ज़्यादा अच्छा
होगा, कि
वह अपने
गिरेबान में
झांकें।
वही नेता,
हमारे प्रधानमंत्री
डॉ0 मनमोहन
सिंह जी
को निशाना
बना रहे
हैं। कहते
हैं, कि
वह अपने
आप कोई
फ़ैसला नहीं
ले पाते
हैं, न
ही ले सकते
हैं। क्या
ये लोग
अपने मन
और सोच
से कभी
कोई फ़ैसला
लेते हैं
या ले सकते
हैं? किसी
भी फ़ैसले
के लिए
वे एक ख़ास
संगठन के
इशारे पर
चलते हैं,
उसके आदेश
पर चलते
हैं। BJP.NDA
के शासन
काम में
उसी संगठन
के गुस्से
पर, उसी
के आदेश
पर 'मज़बूत'
नेता को
पार्टी अध्यक्ष
से इस्तीफ़ा
देना पड़ा,
तो 'मज़बूत
नेता' किसके
आदेश पर
जाएगा। आप
फ़ैसला करें,
कि कौन
मज़बूत नेता
है? आडवाणी
जी या प्रधानमंत्री
डॉ0 मनमोहन
सिंह जी?
बहनो
और भाइयो,
हमारा देश
अनेकता में
एकता का
देश है,
हमें सबको
साथ लेकर
चलना है।
जिन्हें कम
अवसर मिले
हैं, उन्हें
अवसर देने
हैं। हमने
समाज के
सभी वर्गों
के उत्थान
के लिए,
पूरे देश
में और
आंध्र प्रदेश
में जो
काम शुरू
किए हैं,
उन्हें और
मज़बूती से
लागू करने
के लिए
आप सबके
सहयोग और
समर्थन की
ज़रूरत है,
डॉ0 मनमोहन
सिंह जैसे
योग्य और
अनुभवी नेतृत्व
की ज़रूरत
है।
इसलिए मेरा
अनुरोध है,
कि चुनाव
के दिन
अपना एक-एक
वोट कांग्रेस
को देकर
विधान-सभा
और लोक-सभा
के हमारे
सभी उम्मीदवारों
को भारी
बहुमत से
जिताएं, कांग्रेस
पार्टी और
डॉ0 मनमोहन
सिंह जी
को मज़बूत
बनाएं, देश
और प्रदेश
को प्रगति
के रास्ते
पर आगे
बढ़ाने में
अपनी भूमिका
निभाएं।
इन्हीं शब्दों
के साथ
मैं अपने
इस महान्
प्रदेश और
आप सबके
उज्ज्वल भविष्य
की कामना
करती हूं।
जय-हिंद।
|