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चुनाव
2009
कांग्रेस
अध्यक्ष का
भाषण
जनसभा
पुणे-महाराष्ट्र
20
अप्रैल
2009
बुजुर्गो,
बहनो
और
भाइयो,
मैं
इस
ऐतिहासिक
पवित्र
धरती
को
और
उसके
सपूतों
को
प्रणाम
करती
हूं।
इस
धरती
के
निवासी
होने
के
नाते
आप
अच्छी
तरह
जानते
हैं,
कि
भारत
जैसे
महान्
और
विशाल
देश
को
चलाने
के
लिए,
व्यापक
और
उदार
दृष्टि-कोण
चाहिए।
तंग
नज़रिए
से
भारत
का
नेतृत्व
संभव
नहीं
है।
इसी
तरह
सार्वजनिक
जीवन
में
जनता
के
दुःख
और
कष्टों
के
लिए
मन
में
सच्ची
और
गहरी
संवेदना
होनी
चाहिए,
तभी
सही
और
मज़बूत
क़दम
उठाए
जा
सकते
हैं।
कांग्रेस
और
भाजपा-शिवसेना
जैसी
पार्टियों
में
यही
अंतर
है।
हमने
राजनीति
में
हमेशा
जन-सेवा
का
मार्ग
अपनाया
है,
इसीलिए
जन-हित
के
काम
कर
सके
हैं।
इसकी
तमाम
मिसालें
देश
के
सामने
हैं।
पर
कभी-कभी
सोचती
हूं,
तो
दिल
भी
दुखता
है
इस
बात
से,
कि
महाराष्ट्र
की
कुछ
पार्टियां
क्षेत्र,
प्रांत,
धर्म
के
नाम
पर
अपनी
रोटियां
सेंकने
में
लगी
हैं,
अपनी
सांप्रदायिक
राजनीति
से
जगह-जगह
माहौल
खराब
करने
की
कोशिश
करती
हैं।
पर
इन
सांप्रदायिक
और
जातिवादी
लोगों
से
मैं
साफ़
कह
देना
चाहती
हूं,
आपकी
राजनीति
की
असलियत
अब
लोग
समझ
गये
हैं।
पिछले
दिनों
भाजपा
ने
अपने
घोषणा-पत्र
में
फिर
से
सांप्रदायिकता
को
हवा
देने
वाली
बातें
की
हैं।
लेकिन
राम-राज्य
की
बात
करने
वालों
को
मैं
कहना
चाहूंगी
कि,
राम-राज्य
में
भेद-भाव
नहीं
होता,
नफ़रत
नहीं
होता,
दंगे
नहीं
होते।
राम-राज्य
तो
एक
ऐसी
व्यवस्था
है,
जिसमें
सबके
लिए
न्याय
हो,
सबके
लिए
संमान
हो
और
सबके
लिए
सुरक्षा
हो।
ज़्यादा
अच्छा
होता
कि
ये
लोग
अपने
BJP.NDA
के
शासन-काल
के
बारे
में
आत्म-चिंतन
करें,
उस
समय
के
कुशासन
के
बारे
में
आत्म-चिंतन
करें।
आपने
भी
एहसास
किया
होगा,
कि
आज-कल
एक
के
बाद
एक
मोर्चा
खुल
रहा
है।
पर
मैं
बे-हिचक
कहती
हूं,
कि
कोई
भी
मोर्चा
ऐसा
नहीं
है,
जो
कांग्रेस
की
तरह
लगातार
ग़रीबी
और
बेकारी
के
ख़िलाफ़,
पिछड़ेपन
और
अशिक्षा
के
ख़िलाफ़,
सांप्रदायिकता
और
आतंक
के
ख़िलाफ़,
लड़ाई
लड़ी
हो
और
लड़
सके?
इस
तरह
का
संघर्ष
हमने
पिछले
पांच
साल
के
दौरान
प्रधानमंत्री
डॉ0
मनमोहन
सिंह
जी
के
नेतृत्व
में
किया
है।
नरेगा
के
द्वारा
ग्रामीण
बेरोज़गारों
को
रोज़गार,
किसानों
का
पैंसठ
हज़ार
करोड़
का
कर्ज़
माफ़
करने
के
साथ
ही
उनकी
उपज
का
ख़रीद
मूल्य
इतना
बढ़ाया
जितना
पहले
कभी
नहीं
बढ़ा,
कृषि
को
बढ़ावा
देने
के
लिए
पच्चीस
हज़ार
करोड़
रुपये
का
एक
राष्ट्रीय
कृषि
विकास
थ्नदक
बनाया
है।
गांवों
और
शहरों
के
बुनियादी
ढांचे
को
मज़बूत
करने
की
योजना,
जिसमें
आपका
शहर
भी
शामिल
है।
अक्लियतों
के
लिए
अलग
से
मंत्रालय
और
सच्चर
कमेटी
की
सिफ़ारिशों
पर
अमल,
ग़रीब,
दलित,
आदिवासी
और
पिछड़े
वर्गों
के
बच्चों
की
बेहतर
शिक्षा
का
इंतज+ाम
किया
है।
नौजवानों
को
बेहतर
भविष्य
देने
के
लिए
तमाम
तकनीकी
शिक्षा
संस्थाएं
स्थापित
किया
है।
असंगठित
क्षेत्र
के
मज़दूर
भाई-बहनों
के
हक़
में
कानून
बनाने
के
साथ
बीमा
योजना
और
वृद्धावस्था
पेंशन
योजना
भी
लागू
किया।
सड़क,
पानी,
बिजली
और
आवास
पर
विशेष
ध्यान
दिया
गया
है।
आज
देश
के
विकास
में
बिजली
का
बहुत
बड़ा
योगदान
है।
भविष्य
में
इसकी
ज़रूरतों
को
देखते
हुए
हमने
परमाणु
करार
किया
है।
हमारी
प्यारी
बहनें
जो
आंगनवाड़ी
में
काम
करती
हैं,
उनका
मानदेय
बढ़ाया
है,
दूसरी
बहनें
स्वयं
सहायता
समूहों
के
ज़रिए
अपने
बल-बूते
आत्म-निर्भर
हो
रही
हैं।
ऐसे
बहुत
से
काम
हैं,
जो
गिनाए
जा
सकते
हैं,
जिनका
लाभ
पूरे
देश
के
साथ-साथ
हमारे
महाराष्ट्र
के
भाई-बहनों
को
भी
खूब
मिल
रहा
है।
हम
BJP.NDA
जैसे
नहीं
हैं,
हम
तो
बिना
किसी
भेद-भाव
सभी
प्रदेशों
को
लोगों
के
उत्थान
के
लिए
खूब
पैसा
दे
रहे
हैं।
इसी
तरह
हमारी
राज्य
सरकार
आप
सबके
उत्थान
के
लिए
दिन-रात
संघर्ष
कर
रही
है।
केंद्र
की
योजनाओं
को
लागू
करने
के
साथ-साथ,
अपने
स्तर
से
भी
महाराष्ट्र
के
एक-एक
नागरिक
के
हित
में
योजनाएं
और
कार्यक्रम
बनाकर
पूरी
ईमानदारी
और
निष्ठा
के
साथ
लागू
कर
रही
है,
जिससे
यहां
की
जनता
की
ज़िंदगी
में
खुशहाली
और
समृद्धि
आए।
भाजपा
और
शिवसेना
के
लोगों
के
कारनामों
को
आप
सबने
खुद
बहुत
झेला
है,
इसलिए
मुझे
ज़्यादा
कुछ
कहने
की
ज़रूरत
नहीं
है।
हमारे
ऐसे
कार्यक्रमों
और
योजनाओं
से
परेशान
होकर
भाजपा-शिवसेना
जैसी
कुछ
पार्टियों
के
लोग
हमारी
पार्टी
और
प्रधानमंत्री
डॉ0
मनमोहन
सिंह
जी
को
निशाना
बना
रहे
हैं।
कहते
हैं,
कि
वह
अपने
आप
कोई
फ़ैसला
नहीं
ले
पाते
हैं।
ये
लोग
अपने
को
मज़बूत
नेता
कहते
हैं,
क्या
ये
लोग
अपने
मन
और
सोच
से
कोई
फ़ैसला
लेते
हैं
या
ले
सकते
हैं?
किसी
भी
फ़ैसले
के
लिए
वे
एक
ख़ास
संगठन
की
तरफ़
देखते
हैं,
उसके
इशारे
पर
चलते
हैं,
उसके
आदेश
पर
चलते
हैं।
अब
आप
फ़ैसला
करें,
कि
कौन
मज़बूत
नेता
है
और
कौन
कमज़ोर?
मैं
आपसे
स्पष्ट
करना
चाहती
हूं,
कि
कांग्रेस
पार्टी
किसी
संगठन
या
व्यक्ति
के
इशारे
पर
नहीं
चलती,
बल्कि
आम
आदमी
की
इच्छाओं
और
उम्मीदों
पर
चलती
है।
बहनो
और
भाइयो,
इस
चुनाव
में
आपको
तय
करना
है,
कि
आप
भेद-भाव
का
साथ
देंगे
या
समानता
का,
भाई-चारे
का
साथ
देंगे
या
अलगाववाद
का,
विकास
का
साथ
देंगे
या
विनाश
का।
आज
सबसे
बड़ी
ज़रूरत
देश
को
एक
स्थायी
और
मज़बूत
सरकार
की
है,
और
वह
सिर्फ़
कांग्रेस
पार्टी
ही
दे
सकती
है।
जिसका
नेतृत्व
डॉ0
मनमोहन
सिंह
जैसे
योग्य,
अनुभवी
और
ईमानदार
व्यक्ति
ही
कर
सकते
हैं।
हमने
जो
योजनाएं
और
कार्यक्रम
पूरे
देश
के
विकास
के
लिए,
आप
सबके
उत्थान
के
लिए
शुरू
किए
हैं
और
जिनका
अपने
चुनाव
घोषणा-पत्र
में
जि+क्र
किया
है,
उन्हें
पूरा
करने
के
लिए
आप
सबके
समर्थन
की
ज़रूरत
है।
इसलिए
आप
सबसे
मेरा
निवेदन
है,
कि
चुनाव
के
दिन
अपना
एक-एक
वोट
इस
क्षेत्र
से
सुरेश
कलमाड़ी
को
देकर
और,
पूरे
महाराष्ट्र
में
कांग्रेस,
NCP
और
त्च्प्
के
सभी
उम्मीदवारों
को
देकर
उन्हें
भारी
बहुमत
से
जिताएं
और
देश
की
प्रगति
में
अपनी
भूमिका
निभाएं।
इन्हीं
शब्दों
के
साथ
मैं
आप
सबको
इस
सभा
में
आने
के
लिए
धन्यवाद
देती
हूं।
जय-हिंद।
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