चुनाव 2009

 

कांग्रेस अध्यक्ष का भाषण

जनसभा

मंडला-मध्य प्रदेश

१४ अप्रैल, 2009

 

 

बुजुर्गो, बहनो और भाइयो,

       देश-भक्तों, स्वाधीनता सेनानियों और शहीदों की इस ऐतिहासिक धरती मंडला में आप सबके बीच पहुंचकर बहुत खुशी हो रही है।

       आपको फ़ैसला करना है, कि अगले पांच सालों के लिए हमें अपने देश को किस दिशा में ले जाना है। आपके यहां के कुछ इलाक़ों में नौजवानों को गुमराह किया गया है। मैं मानती हूं, कि विकास और रोज़गार की योजनाओं और कार्यक्रमों से उनको सही रास्ते पर लाया जा सकता है। हम इसी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन एक बात बिल्कुल साफ़ है। हिंसा किसी भी समस्या का हल नहीं है। नफ़रत और हिंसा से किसी का भला नहीं होता। मैं जब भी यहां की किसी भी तरह की हिंसा की ख़बर पढ़ती हूं, तो बहुत दुःख होता है। यह समाज के हित में नहीं, यह समाज विरोधी काम है। हम सबको शांति और सद्भावना के साथ अपना प्रदेश और देश बनाना है। हम सबको एक मज़बूत एक स्थिर सरकार बनाना है।

       कुछ दिनों बाद देश के लिए आप एक बहुत बड़ा फ़ैसला लेने जाएंगे। एक तरफ़ कांग्रेस है जिसने सबको साथ लेकर विकास का रास्ता अपनाया है, सबकी बेहतर ज़िंदगी के लिए संघर्ष किया है, तो दूसरी तरफ़ ऐसे लोग हैं, जो सांप्रदायिक ज़हर फैलाकर, लोगों के बीच अलगाववाद फैलाकर, भड़काऊ बातें करके सिर्फ़ सत्ता के लिए भूखे हैं।

       जब डॉ0 मनमोहन सिंह जी के नेतृत्व में केंद्र में हमारी UPA सरकार बनी, तो उसके सामने बहुत-सी चुनौतियां थीं।

भाजपा-NDA के राज में देश निराशा के दौर से गुज़र रहा था। हमने पहले दिन से ही देश का माहौल बदलने के लिए जी-जान से काम किया। ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना लागू की। इससे न केवल चार करोड़ परिवारों को रोज़गार मिला, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे का महत्वपूर्ण विकास भी हुआ। इसका लाभ पाने वालों में इकतीस फ़ीसदी दलित और चौबीस फ़ीसदी आदिवासी हैं। यहां के भी मज़दूर भाई-बहन रोज़गार की तलाश में दूर-दराज+ तक भटकने को मजबूर थे। आज उन्हें गारंटी है, कि अपने गांव में ही रोज़गार मिलेगा। रोज़गार गारंटी की ऐसी योजना दुनिया के किसी देश में नहीं है।

       हमारी केंद्र सरकार ने अन्नदाता किसानों की तक़लीफ़ों को देखकर उन्हें राहत देने के लिए पैंसठ हज़ार करोड़ रुपयों की कर्ज़-माफ़ी लागू की। इस कर्ज़-माफ़ी का लाभ चार करोड़ किसानों और उनके परिवारों तक पहुंचा और उनकी ज़िंदगी में एक नयी रोशनी आयी। सरकारी स्कूली बच्चों के लिए दिन के भोजन की व्यवस्था की गयी, जिसके तहत पूरे देश में पंद्रह करोड़ बच्चे भोजन कर रहे हैं।

       हमने जंगलों की ज़मीन और उसकी उपज पर आदिवासी भाइयों को कानूनी अधिकार दिया है। दलित, पिछड़े, अक्+लियत, महिलाओं और दूसरे ग़रीब और कमज़ोर वर्गों के हित में अनेक फ़ैसले किए और योजनाएं लागू की हैं। उनके बच्चों को शिक्षित बनाने के लिए हमने ग्रामीण इलाक़ों में नये नवोदय विद्यालयों की स्थापना किया और Scholarship भी दिलवाया है। इस बात का मुझे एहसास है, कि जब विकास के काम होते हैं, तो हमारे कुछ भाई-बहनों को परेशानी भी उठानी पड़ती है, इसी सबको ध्यान में रखकर हमने एक पुनर्वास और विस्थापन का ऐसा कानून बनाया है, कि विकास का काम शुरू करने से पहले उनका पुनर्वास और विस्थापन करना ज़रूरी होगा।

इसी तरह असंगठित क्षेत्र के मज़दूर भाई-बहनों के अधिकारों को ध्यान में रखकर एक कानून बनाने के अलावा, बीमा योजना और वृद्धावस्था पेंशन योजना भी शुरू की है। अक्लियतों के लिए अलग से मंत्रालय बनाने के अलावा सच्चर कमेटी की सिफ़ारिशों पर अमल हो रहा है। गांवों के बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने के लिए भारत-निर्माण कार्यक्रम और शहरों के विकास के लिए जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन जैसी अनोखी योजना शुरू हुई है।

       मध्य प्रदेश और यहां के हमारे भाई-बहनों को भी इन योजनाओं का लाभ मिले, विकास हो, उनकी ज़िंदगी में खुशहाली आए, इसके लिए हमारी केंद्र सरकार ने यहां की राज्य सरकार को करोड़ों-करोड़ रुपये दिए, लेकिन निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी की कमी की वजह से उसका असर यहां कहीं भी दिखायी नहीं पड़ रहा है। मुझे यह भी बताया गया है, कि बहुत से योजनाओं में भ्रष्टाचार की वजह से लोगों को उसका फ़ायदा नहीं मिल रहा है। यह आपके राज्य की भाजपा सरकार की असलियत है।

       फिर भी कुछ लोगों को डॉ0 मनमोहन सिंह जी में कमी दिखायी देती है। ऐसे लोग आतंकवाद जैसी गंभीर राष्ट्रीय चुनौती को भी सांप्रदायिक चश्में से देखते हैं, भले ही उससे देश की गंगा-जमुनी संस्कृति का ताना-बाना ख़तरे में पड़ जाए। हर तरह के आतंकवाद का मुक़ाबला हम सबको मिलकर करना है। आतंकवाद जैसे मुद्दे पर खुद को बहादुर समझने वालों का हाल यह है, कि उनके गृहमंत्री होते हुए, आतंकवादियों को मेहमानों की तरह अफ़गानिस्तान ले गये। वही आतंकवादी हमारी संसद् और देश के दूसरे हिस्सों में एक के बाद एक हमले करवाए।

 

बहनो और भाइयो,

       हम चाहते हैं, कि भारत का तेज़ी से विकास हो और देश का हर नागरिक- जाति, धर्म, प्रांत, भाषा-- किसी भी तरह के भेद-भाव के बिना इस विकास में भागीदार बने। हम तो अपनी राजनीति की सफलता इसमें मानते हैं, कि देश के नौजवान को उसके सपनों को पूरे करने का रास्ता दिखा सकें। उनको आगे बढ़ने के लिए सभी ज़रूरी सुविधाएं मिलें, हर नागरिक को भूख और भय से सुरक्षा मिले। इन्हीं कामों को आगे बढ़ाने के लिए सबसे ज़रूरी यह है, कि केंद्र में एक मज़बूत सरकार, एक स्थायी सरकार बने।

       इसके लिए मैं आपका समर्थन मांगने आयी हूं। ऐसी सरकार आपको सिर्फ़ कांग्रेस पार्टी दे सकती है, ऐसी सरकार का नेतृत्व सिर्फ़ प्रधानमंत्री डॉ0 मनमोहन सिंह कर सकते हैं। मुझे विश्वास है, कि आपका समर्थन विकास, न्याय, एकता और सामाजिक सद्भावना की राजनीति को, आम आदमी के हित में काम करने वाली, आपकी अपनी कांग्रेस पार्टी को ही मिलेगा।

       मेरा निवेदन है, कि चुनाव के दिन अपना एक-एक वोट कांग्रेस के सभी उम्मीदवारों को देकर उन्हें भारी बहुमत से जिताएं और केंद्र में एक स्थायी, मज़बूत और Secular सरकार बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।

       इन्हीं शब्दों के साथ मैं आप सबको इस सभा में आने के लिए धन्यवाद देती हूं।     

       जय-हिंद।

 


 
 

 

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