चुनाव 2009

 

कांग्रेस अध्यक्ष का भाषण

जनसभा

खुंटी-रांची (झारखण्ड)

11 अप्रैल, 2009

 

बुजुर्गो, बहनो और भाइयो, 

       आज झारखण्ड की इस ऐतिहासिक धरती पर आकर मुझे गर्व का अनुभव हो रहा है। हमारे वेदों में भी, इस झारखण्ड के वन-प्रदेश का वर्णन ज़ोर-शोर से किया गया है। यहां के जंगल, पहाड़, झरने, तालाब, दुनिया भर से सैलानियों को खींच लाते हैं, तो यहां की वीर गाथाएं दुनिया भर में गायी जाती हैं।

       पर मेरा दिल श्रद्धा से भर गया, जब मैंने सुना कि कैसे इसी झारखण्ड में - ताना-भगत आंदोलन के समय - ताना-भगत कहलाने वाले देश-भक्त, कांग्रेस का झण्डा लेकर गांव-गांव घूमते, लोगों को जोड़ते, क्रांति का संदेश पहुंचाते थे। कुछ उसी तरह जैसे अठारह सौ सत्तावन में रोटी गांव-गांव घूमी थी।

भाइयो और बहनो,

       आज फिर वही वक्त गया है, जब हमें लोगों को जोड़ना है, एक नयी क्रांति की तरफ़ उनको मोड़ना है, और यह काम उसी तरह होगा जैसे ताना-भगत आंदोलन में हुआ था। आज फिर गांव-गांव में एकता का, अखण्डता का संदेश और कांग्रेस का झण्डा हमें पहुंचाना होगा, और यह इसलिए ज़रूरी है, कि इस देश की कुछ पार्टियां बरसों से देश को दंगा-फ़साद, हिंदू, मुसलमान, ईसाई के नाम पर बांटने में लगी हुई हैं। ये लोग ऊपर से तो देश-प्रेम का मुखौटा लगाए रहते हैं, पर अंदर-अंदर देश को कमज़ोर करने और तोड़ने के काम में लगे रहते हैं।

       आज देश की अखण्डता को ख़तरा केवल बाहर से आए आतंकवादियों से नहीं है, बल्कि ऐसे लोगों से भी है, जो एक वर्ग के आतंकवाद की तरफ़दारी करने के लिए बड़े परेशान नज़र आते हैं।

आम आदमी चाहे कोई हो, हिंदू हो, मुसलमान हो, ईसाई हो- वह शांति से जीना चाहता है। अपने बच्चों को बेहतर भविष्य देना चाहता है, उसे दो वक्त की रोटी कमानी होती है। पर कुछ पार्टियों के नेता सिर्फ़ अपनी रोटियां सेंकना जानते हैं। मेरी नज़र में ये लोग हिंदू हैं, मुसलमान, ईसाई। ये सिर्फ़ देश के दुश्मन हैं। शांति और एकता के बिना उन्नति नहीं हो सकती, और उन्नति के बिना खुशहाली नहीं सकती। इसलिए ये लोग देश की खुशहाली के दुश्मन हैं और ऐसे लोगों को हमें हराना ही होगा।

       यह सदी युवाओं की सदी है, नौजवानों की सदी है। आज देश में सौ में से सत्तर लोग पैंतीस वर्ष से कम उम्र के हैं। बदलाव नौजवान लाते हैं और इस तरह से यह बदलाव और क्रान्ति की सदी है। राजीव जी ने कहा था कि 'मैं युवा हूं और मेरा एक सपना है-- मैं एक ऐसे भारत का सपना देखता हूं, जो मज़बूत, स्वतंत्र, आत्म-निर्भर और मानवता की सेवा में संसार में पहली क़तार के देश में हो।' 

       प्रधानमंत्री डॉ0 मनमोहन सिंह जी के नेतृत्व में हमारी केंद्र सरकार ने इस नयी क्रान्ति का बिगुल बजाया है। आज मंदी के ज़माने में भी  देश की अर्थ-व्यवस्था को एक ऊंचाई तक पहुंचाया। विकास का फ़ायदा जन-जन तक पहुंचाने, एक नये भारत-निर्माण, देश से ग़रीबी और भुखमरी मिटाने, लोगों को रोज़गार का कानूनी अधिकार देने की पहल की है।

       राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार कानून के द्वारा चार करोड़ लोगों को रोज़गार दिया गया है। इनमें से इकतीस फ़ीसदी दलित और चौबीस फ़ीसदी आदिवासी हैं। बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ जैसे क्षेत्रों के भाई-बहनों को रोज़ी-रोटी की खोज में दूर-दूर तक जाना पड़ता था। आज आप अपने गांव में ही रहकर मेहनत और इज़्ज़त की रोटी कमा सकते हैं। ऐसी रोज़गार योजना दुनिया में पहली बार लागू हुई है।     

       हमारी सरकार ने किसानों की खुशहाली के लिए अनेक क़दम उठाये, सबसे बड़ा क़दम उनके पैंसठ हजार करोड़ के कर्ज़े माफ़ किए।

ऐसे क़दम से उनके चेहरे पर नयी रोशनी आयी और उनका आत्म-विश्वास बढ़ा है। 

       बड़े लम्बे समय से हमारे आदिवासी भाई बहन, वन-भूमि पर खेती करने के अधिकार की मांग कर रहे थे। इसके लिए ऐसा कानून बनाया गया है, जिससे अनुसूचित जनजातियों और पारंपरिक रूप से जंगलों में रहने वालों को अपनी वन-भूमि पर अधिकार मिला। हमने इसी तरह दलित, पिछड़े, अक्+लियत, महिलाओं और दूसरे ग़रीब और कमज़ोर वर्गों के हितों के लिए अनेक ऐतिहासिक क़दम उठाए हैं। किसान भाइयों के अलावा हमारे देश की प्रगति में अपना खून-पसीना बहाकर सबसे बड़ा योगदान हमारे मज़दूर भाई-बहनों का है, उनके हक़ में हमने कानून बनाने के साथ ही, उनके लिए बीमा योजना और वृद्धावस्था पेंशन योजना लागू की है।

       मैं जानती हूं, कि जब विकास के काम होते हैं, तो कुछ लोगों को परेशानी भी उठानी पड़ती है, इसी सबको ध्यान में रखकर हमने एक पुनर्वास और विस्थापन का ऐसा कानून बनाया है, जिससे अब किसी को भी परेशानी नहीं होगी और ही विकास का काम रुकेगा।

       हम आने वाले समय में भी आप सबके सहयोग और समर्थन से देश का विकास करना चाहते हैं। हम विकास में सबकी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे, ख़ास तौर से हमारी प्यारी बहनों की। हिंसा किसी भी समस्या का हल नहीं है। हिंसा से सामाजिक न्याय नहीं मिलता, बल्कि एक नये क़िस्म के अन्याय का जन्म होता है।

हम चाहते हैं, कि हमारे जो नौजवान रास्ता भटक गये हैं, वे सामान्य जीवन में वापस आएं, काम-धंधा करें, विकास और प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ें।

       यह सब करने के लिए मेरा आप सबसे निवेदन है कि आप कांग्रेस पार्टी को अपना पूरा समर्थन दें। चुनाव के दिन कांग्रेस और हमारे साथी दलों के उम्मीदवारों को भारी बहुमत से जिताएं।

       इन्हीं शब्दों के साथ मैं आप सबको इस सभा में आने के लिए धन्यवाद देती हूं।

  जय-हिंद।

 

 


 
 

 

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