चुनाव 2009

 

कांग्रेस अध्यक्ष का भाषण

जनसभा

कामठी-नागपुर (महा0)

10 अप्रैल, 2009

 

 

बुजुर्गो, बहनो और भाइयो,

       महात्मा गांधी और डॉ0 अंबेडकर की इस महान् कर्म-भूमि में दूर-दूर से आये, आप सभी भाई-बहनों का मैं हार्दिक अभिनन्दन करती हूं। डा0 बी0आर0अम्बेडकर ने संविधान-सभा में कहा था कि, 'सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र, राजनीतिक लोकतंत्र के तन्तु और रेशे हैं'। कांग्रेस ने लगातार यही कोशिश की है, कि लोकतंत्र केवल राजनीति तक सीमित न रह कर सामाजिक-आर्थिक जीवन के हर क्षेत्र तक पहुंचे। हमारा पिछले पांच साल का कार्य-काल इस बात का एक और प्र्रमाण है।

       राजीव जी जब इक्कीसवीं सदी की बात करते थे, तो उनके मन में एक तरफ़ तो भारत की आर्थिक और वैज्ञानिक प्रगति की बात होती थी, दूसरी तरफ़ लोकतंत्र का विस्तार करने की। उन्होंने ही अठारह साल के नौजवानों को वोट का अधिकार दिया। उन्हीं के कारण पंचायत-राज कानून बना, महिलाओं, अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों की लोकतंत्र में भागीदारी निश्चित की गयी। जिस इक्कीसवीं सदी के सपने राजीव जी ने देखे थे, उस इक्कीसवीं सदी का यह दूसरा चुनाव है। पहले चुनाव में आपने कांग्रेस पार्टी पर विश्वास जताया, हमने आपसे जो वादे किए थे, उन्हें निभाया। देश को प्रगति के रास्ते पर ले गये, आतंकवाद का मुक़ाबला किया। किसी तरह देश में आर्थिक लोकतंत्र आए, किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले, ग्रामीण बेरोज़गारों को रोज़गार की गारंटी हो, इसके लिए प्रधानमंत्री डा0 मनमोहन सिंह जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने जहां फसलों के समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी की, वही पैंसठ हज़ार करोड़ रुपये का कर्ज़ माफ़ करके किसानों को एक नयी ज़िंदगी दी।

राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी कानून बनाकर गांव-गांव के अपने ग़रीब बहनों-भाइयों को साल में सौ दिन के रोज़गार का कानूनी अधिकार दिया। हम भविष्य में इस कानून को और भी कारगर बनाएंगे। असंगठित क्षेत्र के मज़दूर भाई-बहनों के अधिकारों को दिलाने का कानून बनाने के साथ ही उनके लिए, बीमा योजना और वृद्धावस्था पेंशन योजना शुरू की है। हमने अपनी प्यारी बहनों के हक़ों की रक्षा के लिए, बहुत से कानून बनाने के साथ स्वयं-सहायता समूहों के ज़रिए उनके सशक्तिकरण का प्रयास किया है। जंगलों में रहने वाले आदिवासी भाइयों के अधिकारों के लिए Tribal Bill के अलावा पुनर्वास और विस्थापन का कानून भी बनाया। उनके बच्चों की शिक्षा के लिए, नवोदय विद्यालयों और तकनीकी शिक्षा संस्थाओं के साथ-साथ  Scholarship की व्यवस्था की है। अल्पसंख्यकों के लिए एक अलग मंत्रालय भी बनाया है। सरकारी स्कूलों में बच्चों के दोपहर के भोजन की योजना का लाभ देश भर में लाखों बच्चों को मिल रहा है। इन सबका फ़ायदा हमारे महाराष्ट्र के भाई-बहनों को भी मिल रहा है।

       हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री के विशेष भर्ती अभियान, के तहत तिरपन हज़ार खाली पड़े अनुसूचित जाति और जनजाति के आरक्षित पदों को सीधी भर्ती या पदोन्नति के आधार पर भरा है।

       कुछ लोग निजी स्वार्थ की वजह से भले ही उनकी आलोचना करते हों, पर दुनिया भर के लोग तो हमारे प्रधानमंत्री को एक सुलझे हुए राज-नेता के तौर पर, विकास की समझ रखने वाले विद्वान्‌ के तौर पर और दृढ़ता से काम करने वाले के तौर पर ही जानते और संमान करते हैं।

       उनके नेतृत्व में हमारे देश ने बहुत तरक़्की की है और अनेक सामाजिक कार्यक्रम सफलता पूर्वक लागू किए हैं। विकास- अर्थ-व्यवस्था की मज़बूत बुनियाद पर खड़ा होता है, हमारी सरकार ने पिछले पांच वर्षों में अर्थ-व्यवस्था की एक मज़बूत बुनियाद डाल दी है।

       आज पूरी दुनिया भयंकर मंदी से गुज़र रही है, लेकिन कांग्रेस की सूझ-बूझ और नीतियों की बदौलत हमारे देश पर इसका असर अभी तक कम पड़ा है।

       इसीलिए यह चुनाव और ज़्यादा महत्वपूर्ण है। फ़ैसला आपके हाथ में है। विकल्प स्पष्ट हैं। कांग्रेस की नीतियों और नेतृत्व के कारण देश तेज़ी से विकास की ओर चल पड़ा है। हमारी विरोधी पार्टियों के पास विकास के लिए, देश को मज़बूत बनाने की न कोई दृष्टि है न कोई कार्यक्रम। इसीलिए वे अपने पुराने खेल पर बार-बार वापस आने को मज+बूर हैं। जब देश प्रगति के रास्ते पर चल रहा है। तब ये लोग जाति, धर्म और क्षेत्र के नाम पर समाज में तनाव पैदा कर रहे हैं। गुजरात हो या महाराष्ट्र, कश्मीर हो या उड़ीसा, जो लोग भी इस तरह की राजनीति करते हैं, क्या वे सब लोगों के रक्षक हैं? समाज के दुश्मन हैं। इसी संकीर्णता से आतंकवाद का भी जन्म होता है। आतंकवादी का कोई धर्म नहीं होता। कांग्रेस इस तरह की सभी शैतानी ताक़तों के ख़िलाफ़ है। हमने इनका हमेशा डटकर मुक़ाबला किया है और हमेशा करेंगे। देश का विकास सामाजिक एकता से होता है, सबके मिले-जुले प्रयास से होता है।

       यहां महाराष्ट्र में कांग्रेस और NCP  की मिली-जुली सरकार चल रही है। हम लोक-सभा का चुनाव भी मिल-जुलकर लड़ रहे हैं। हमने प्रदेश और देश के हित में सामाजिक एकता, प्रगति और विकास के लिए ही यह ताल-मेल किया है। मुझे पूरा विश्वास है, कि भविष्य में भी सद्भावना के साथ हमारी यह व्यवस्था चलती रहेगी।

       इसलिए मेरा आपसे निवेदन है, कि चुनाव के दिन कांग्रेस, NCP और त्च्प् के सभी उम्मीदवारों को आप भारी बहुमत से जिताएं। मुकुल वासनिक और विलास मुत्तमवार को जिताएं। आज यही देश के हित में है।

       इन्हीं शब्दों के साथ मैं आप सबको इस सभा में आने के लिए धन्यवाद देती हूं।

       जय-हिंद।

 


 
 

 

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