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चुनाव
2009
कांग्रेस
अध्यक्ष का
भाषण
जनसभा
धुले
(महाराष्ट्र)
20
अप्रैल
2009
बुजुर्गो,
बहनो
और
भाइयो,
आज
मैं
चुनाव
के
मौक़े
पर
आपके
बीच
आयी
हूं।
कांग्रेस
के
लिए
जनादेश
मांगने
आयी
हूं।
आपको
फ़ैसला
करना
है,
कि
अगले
पांच
सालों
के
लिए
भारत
को
किस
दिशा
में
ले
जाना
चाहते
हैं।
फ़ैसला
करने
से
पहले
ज़रूरी
यह
है,
कि
आज़ादी
से
लेकर
नये
भारत
के
निर्माण
तक
आप
हमारे
और
हमारे
विरोधियों
के
कामों
को
अपने
दिल
में
ज़रूर
रखें।
कांग्रेस
ने
देश
को
आज़ाद
करवाया।
पूरे
देश
में
उद्योगों,
कारखानों,
बड़े-बड़े
पुल,
बांध,
बिजली-घर,
नहरों
का
निर्माण
किया।
दलितों,
आदिवासियों
को
कानूनी
तौर
पर
आरक्षण
दिया।
हरित-क्रांति
लाकर
देश
को
अनाज
के
मामले
में
आत्म-निर्भर
बनाया।
LIC
जैसी
संस्था
की
स्थापना
की,
देश
के
बैंकों
का
राष्ट्रीयकरण
किया।
देश
के
दुश्मनों
को
हरा
कर
दुनिया
का
नक्शा
बदल
डाला।
पंचायत-राज
संस्थाओं
में
महिलाओं
को
तैंतीस
प्रतिशत
आरक्षण
देकर
नेतृत्व
का
मौक़ा
दिया।
नौजवान
देश
के
निर्माण
में
भागीदारी
कर
सकें,
इसके
लिए
अठारह
साल
के
युवाओं
को
वोट
का
अधिकार
दिया।
गांव-गांव
में
टेलीफ़ोन,
जगह-जगह
और
स्कूलों
में
कम्प्यूटर
के
सपने
को
सच
बनाया।
इसी
तरह
जब
से
केंद्र
में
डॉ0
मनमोहन
सिंह
जी
के
नेतृत्व
में
हमारी
सरकार
बनी,
उसने
तमाम
ऐतिहासिक
योजनाओं
और
कार्यक्रमों
की
शुरुआत
की,
मिसाल
के
तौर
पर
देश
भर
में
राष्ट्रीय
ग्रामीण
रोज़गार
गारंटी
योजना
लागू
किया।
किसान
भाइयों
के
पैंसठ
हज़ार
करोड़
रुपये
के
कर्ज़
माफ़
किए
और
उनकी
उपज
का
मूल्य
इतना
बढ़ाया,
जितना
पहले
कभी
नहीं
बढ़ा।
स्कूलों
में
पंद्रह
करोड़
बच्चों
को
दोपहर
का
भोजन
मिल
रहा
है।
अक्लियतों
के
उत्थान
के
लिए
पहली
बार
अलग
से
मंत्रालय
बनाने
के
साथ
ही
सच्चर
कमेटी
की
सिफ़ारिशें
लागू
हो
रही
हैं।
आदिवासी
भाइयों
को
जंगल
की
ज़मीन
और
उसकी
उपज
पर
कानून
बनाकर
उनके
अधिकारों
को
सुरक्षित
किया।
उनके
बच्चों
के
लिए
नवोदय
विद्यालय
जैसी
तमाम
शिक्षा
संस्थाएं
खोली
गयीं।
दलितों,
आदिवासियों
और
पिछड़े
वर्ग
के
बच्चों
को
Scholarship
दी
जा
रही
है।
स्वयं
सहायता
समूहों
के
द्वारा
मेरी
प्यारी
बहनों
को
आत्म-निर्भर
बनाया
जा
रहा
है।
आंगनवाड़ी
कार्यकर्ताओं
का
मानदेय
बढ़ाने
जैसे
काम
हैं।
भारत-निर्माण
के
माध्यम
से
गांवों
और
जवाहरलाल
नेहरू
शहरी
नवीनीकरण
मिशन
के
माध्यम
से
शहरों
का
बुनियादी
ढांचा
मज़बूत
किया
जा
रहा
है।
परमाणु
करार
किया,
जिससे
गांव-गांव,
घर-घर
में
बिजली
पहुंच
जाए,
तेज़ी
से
विकास
हो।
इसी
तरह
यहां
की
हमारी
राज्य
सरकार
भी
आप
सबकी
ज़िंदगी
में
खुशहाली
लाने
के
लिए,
पूरे
महाराष्ट्र
की
तरक़्की
के
लिए
लगातार
संघर्ष
कर
रही
है।
केंद्र
सरकार
की
योजनाओं
का
फ़ायदा
एक-एक
नागरिक
तक
पहुंचाने
की
कोशिश
कर
रही
है
और
खुद
भी
तमाम
योजनाएं
और
कार्यक्रम
बनाकर
पूरी
निष्ठा
और
ईमानदारी
के
साथ
लागू
भी
कर
रही
है।
एक
तरफ़
कांग्रेस
है,
जिसने
सबको
साथ
लेकर
विकास
का
रास्ता
अपनाया
है,
तो
दूसरी
तरफ़
ऐसे
लोग
हैं,
जो
अपने
निजी
स्वार्थ
के
लिए,
जात-पांत,
धर्म
और
संप्रदाय
के
नाम
पर
समाज
में
ज़हर
फैलाकर
लोगों
को
आपस
में
लड़ाने
की
राजनीति
कर
रहे
हैं,
नफ़रत
की
राजनीति
कर
रहे
हैं,
क्षेत्रवाद
और
प्रांतवाद
की
राजनीति
कर
रहे
हैं,
हमारे
इस
देश
की
गंगा-जमुनी
संस्कृति
को
नष्ट
कर
रहे
हैं।
इतना
ही
नहीं,
अगर
इस
रास्ते
से
भी
सत्ता
तक
नहीं
पहुंचते
हैं,
तो
तरह-तरह
के
मोर्चे
बना
रहे
हैं,
आप
बताएं
क्या
ऐसे
मोर्चे
के
कुछ
सिद्धांत,
नीति
और
दृष्टि
है?
एक
ही
मकसद
है,
किसी
भी
तरह
सत्ता
तक
पहुंचने
का।
आज
जहां
हमें
सीमापार
से
आने
वाले
आतंकवाद
का
मुक़ाबला
करना
है,
वहीं
फ़िरकापरस्त
ताक़+तों
का
भी।
इनका
मुक़ाबला
हमें
एक
होकर,
सबको
मिलकर
करना
है।
आज
भाजपा
के
जो
नेता
आतंकवाद
से
लड़ने
की
बातें
करते
हैं,
मज़बूत
नेता
की
बातें
करते
हैं,
उनके
शासन-काल
में
क्या
हुआ
था,
देशवासी
भूले
नहीं
हैं,
उन्हें
सब
याद
है।
शायद
उनके
लिए
मज़बूत
नेता
उसे
कहते
हैं,
जिनके
गृहमंत्री
और
उप-प्रधानमंत्री
रहते
हुए
हमारी
संसद्
के
अलावा
एक
के
बाद
एक
आतंकवादी
हमले
हुए,
और
जो
पकड़े
गये
ख़तरनाक
आतंकवादियों
को
जेल
से
निकाल
कर
मेहमान
की
तरह
कंधार
भेज
सकता
हो।
देशवासी
यह
भी
जानते
हैं,
कि
इंदिरा
जी
और
राजीव
जी
जैसे
कांग्रेस
के
महान्
नेताओं
ने
देश
की
एकता
के
लिए
अपने
प्राणों
तक
का
बलिदान
किया
है।
आतंकवाद
के
ख़िलाफ़
लड़ाई
के
बारे
में
हमें
किसी
के
Certificate
की
ज़रूरत
नहीं
है।
हमारा
देश
अनेकता
में
एकता
का
देश
है,
हमें
सबको
साथ
लेकर
चलना
है।
जिन्हें
कम
अवसर
मिले
हैं,
उन्हें
अवसर
देने
हैं।
इसीलिए
हमने
समाज
के
सभी
वर्गों
के
उत्थान
के
लिए
काम
किया
है।
आपको
याद
होगा,
कि
जब
पांच
साल
पहले
केंद्र
में
भाजपा-शिवसेना-NDA
की
सरकार
थी,
तो
उन्होंने
सारे
देश
में
अपनी
जन-विरोधी
नीतियों
और
तंग
नज़रिए
की
राजनीति
से,
पूरे
देश
का
माहौल
ख़राब
कर
दिया
था।
विकास
के
काम
ठप्प
हो
गये
थे।
चारो
तरफ़
भ्रष्टाचार
का
बोल-बाला
था।
हमारी
सामाजिक
एकता
को
तार-तार
किया
जा
रहा
था।
महाराष्ट्र
में
तो
इनके
कारनामों
को
आप
सब
झेल
ही
चुके
हैं।
ऐसे
लोगों
से
सावधान
रहने
की
ज़रूरत
है,
उनके
भुलावे
और
बहकावे
में
आने
की
ज़रूरत
नहीं
है।
देश
ऐसे
लोगों
से
नहीं
चल
सकता।
देश
की
शक्ति
के
लिए,
राजनीतिक
स्थिरता
के
लिए,
मज़बूत
सरकार
चाहिए,
दूर-दर्शी
नेतृत्व
चाहिए,
अनुभव,
योग्यता
और
ईमानदारी
चाहिए।
यह
सब
कांग्रेस
पार्टी
में
हैं,
डॉ0
मनमोहन
सिंह
जी
में
है।
आप
सबसे
मेरा
निवेदन
है,
कि
हमने
पूरे
देश
और
आप
सबके
हित
में
जो
योजनाएं
और
कार्यक्रम
शुरू
किए
हैं,
उन्हें
और
मज़बूती
के
साथ
लागू
कर
सकें,
इसके
लिए
चुनाव
के
दिन
इस
क्षेत्र
और
पूरे
महाराष्ट्र
में
अपना
एक-एक
वोट
कांग्रेस,
NCP
और
त्च्प्
के
सभी
उम्मीदवारों
को
देकर
उन्हें
भारी
बहुमत
से
जिताकर,
केंद्र
में
एक
स्थायी,
मज़बूत
और
Secular सरकार
बनाने
में
अपना
योगदान
दें।
इन्हीं
शब्दों
के
साथ
मैं
आप
सबको
दूर-दूर
से
इस
सभा
में
आने
के
लिए
धन्यवाद
देती
हूं।
जय-हिंद।
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