चुनाव 2009

 

कांग्रेस अध्यक्ष का भाषण

जनसभा

चंद्रपुर-महा0

10 अप्रैल, 2009

 

 

बुजुर्गो, बहनो और भाइयो,

       जब मैं इस ऐतिहासिक पुण्य भूमि में आ रही थी, तो सोच रही थी, कि शायद ही पूरे भारत में चंद्रपुर जैसी कोई जगह हो। चंद्रपुर वह आज सब कुछ दे रहा है, जिसकी आज पूरे देश को ज़रूरत है। सबको उजाला देने वाली बिजली का एशिया का सबसे बड़ा Thermal Power Station Power Plant है चंद्रपुर में। घरों को जोड़ने और सड़कों, पुलों को बांधने वाली सीमेंट के पता नहीं कितने कारखाने चंद्रपुर में। बिना ऐसी जगह के साथ के कोई भी हिंदुस्तान को चलाने का सपना भी नहीं देख सकता है। मैं तो कहती हूं, कि जिसका साथ आज चंद्रपुर देगा, वही कल भारत को नयी दिशा देगा।

       पर सवाल यह है, कि आप लोग देश को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं? जात-धर्म के नाम पर, लोगों को बांटने वाले रास्ते पर या सबको मिलाकर एक जुट करके साथ-साथ आगे बढ़ने के रास्ते पर?

       एक तरफ़ आपके सामने कांग्रेस पार्टी है, जिसने शुरू से ही समाज के हर एक वर्ग और देश के हर क्षेत्र के लिए लगातार संघर्ष करती रही है और कर रही है। मैं गर्व के साथ कह सकती हूं, कि नरेगा जैसी योजना जिसे हमने आज सारे देश में लागू किया है, उसकी प्रेरणा हमें महाराष्ट्र से ही मिली है और आज हर घर के बेरोज़गारों को, इसका लाभ मिल रहा है। देश के अन्नदाता किसानों, जिन्हें मैं जीवन-दाता कहती हूं, की तक़लीफ़ों को देखते हुए हमारी केंद्र सरकार ने, देश के चार करोड़ से भी अधिक किसानों का पैंसठ हज़ार करोड़ रुपये का कर्ज़ माफ़ करके उनके जीवन के एक नयी रोशनी पैदा किया है। नब्बे प्रतिशत असंगठित क्षेत्र के मज़दूर भाई बहनों को उनके अधिकार दिलाने का कानून के साथ-साथ बीमा योजना और वृद्धावस्था पेंशन योजना शुरू की है।

हमने अपने आदिवासी भाइयों के अधिकार दिलाने के लिए एक नया कानून बनाने के साथ ही दलित, आदिवासी और अक्लियत बच्चों की शिक्षा के लिए तमाम शिक्षा संस्थाएं, नवोदय विद्यालय और कॉलेज खोले हैं, Scholarship की भी व्यवस्था की है, सरकारी स्कूलों में बच्चों को दोपहर के भोजन की योजना लागू की है। अपनी प्यारी बहनों के सशक्तिकरण के लिए जहां हमने तमाम कानून बनाए हैं, वहीं स्वयं-सहायता समूहों के ज़रिए, उन्हें आर्थिक तौर पर आत्म-निर्भर बनाने का प्रयास किया है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोत्तरी की। अक्लियतों के उत्थान के लिए अलग से नया मंत्रालय बनाने के साथ ही सच्चर कमेटी की सिफ़ारिशें लागू की जा रही हैं। ये कुछ मिसालें हैं।

       दूसरी तरफ़ आप तुलना कीजिए हमारे विरोधियों की करतूतों की। ज़रा पूछिए हमारे विरोधियों से, भाजपा-शिव-सेना के लोगों से - जो हमारे ऊपर, कांग्रेस के ऊपर हर तरह के ग़लत इल्ज़ाम लगाते हैं। अपने शासन-काल के दौरान उन्होंने अब तक किसान के लिए क्या किया? मज़दूर भाइयों के लिए क्या किया है? ग्रामीण बेरोज़गारों के लिए क्या किया? मेरी बहनों के लिए क्या किया? दलित, आदिवासी और अक्लियतों के लिए क्या किया? और भविष्य के लिए उनकी क्या योजना है?

       जिस तरीक़े से हमने पिछले पांच साल में बिना भेद-भाव के समाज के सभी वर्गों के हित में काम किए हैं, योजनाएं लागू की हैं, हमारा वादा है, कि आगे भी हम और अधिक दिलो-जान से काम करेंगे। हम उनमें से नहीं हैं, कि कभी जात और धर्म के नाम पर तो कभी प्रांत और क्षेत्र के नाम पर, तो कभी भाषा और ज+बान के नाम पर, लोगों को लड़वाएं। कुछ लोगों की राजनीतिक रोटी इसी पर सिंकती है, ऐसे लोग शायद मोहल्ले के दादा तो हो सकते हैं, पर देश के नेता बनना, उनके बस की बात नहीं है। हमारा भारत एक बहुत बड़ा राष्ट्र है, इसे चलाने के लिए बड़ी सोच ही नहीं, एक बड़ा दिल चाहिए और ऐसी बड़ी सोच और बड़ा दिल कहीं है, तो वह है कांग्रेस पार्टी में।

       लेकिन हमारे सामने चुनौतियां अभी भी हैं। आपको मालूम है, कि हमारी प्रगति से कुछ लोगों के मन में जलन होती है। वे तरह-तरह की बाधाएं खड़ी करने की कोशिशें करते हैं। आतंकवाद भी एक ऐसी ही कोशिश है, चुनौती है। हम आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में पूरी तरह काबिल हैं। हम भाजपा जैसे नहीं हैं, कि हमारी जेलों में बंद आतंकवादियों को मेहमानों की तरह अफ़गानिस्तान ले जाकर छोड़ें। हमारी वही पार्टी है, जिसके नेताओं इंदिरा जी और राजीव जी देश के लिए, देश की एकता के लिए शहीद हुए।

       सबसे महत्वपूर्ण बात यह है, कि आतंकवाद के साथ-साथ तमाम चुनौतियों का मुक़ाबला करने के लिए केंद्र में एक मज़बूत सरकार चाहिए। देश की शक्ति के लिए, राजनीतिक स्थिरता के लिए, मज़बूत सरकार चाहिए, दूर-दर्शी नेतृत्व चाहिए, अनुभव, योग्यता और ईमानदारी चाहिए। यह सब कांग्रेस पार्टी में हैं, डॉ0 मनमोहन सिंह जी में है।

       अंत में मैं आपसे एक बात और कहना चाहती हूं, देश की सभी समस्याओं का हल हमारी सामाजिक एकता, हमारी राष्ट्रीय एकता से ही निकल सकता है। इसीलिए कांग्रेस ने हमेशा सामाजिक सद्भावना और भाई-चारे पर ज़ोर दिया है। कांग्रेस ही सही मानी में राष्ट्रीय एकता की पार्टी है, प्रगति और विकास की पार्टी है।

       इसीलिए मेरा आपसे निवेदन है, कि अपना एक-एक वोट कांग्रेस-NCP पार्टी के सभी उम्मीदवारों को दें और उन्हें भारी बहुमत से जिताएं।

       इन्हीं शब्दों के साथ आप सबको इस सभा में आने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

       जय-हिंद।

 


 
 

 

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