चुनाव 2009

 

कांग्रेस अध्यक्ष का भाषण

जनसभा

भद्रक-उड़ीसा

18 अप्रैल, 2009

 

 

बुजुर्गो, बहनो और भाइयो,

       इस पवित्र, ऐतिहासिक स्वाधीनता सेनानियों की भूमि पर आप सबके बीच आकर मुझे खुशी हो रही है, ऐसी भूमि को मैं प्रणाम करती हूं।

       यह चुनाव का मौक़ा है। सारे देश में राष्ट्रीय चुनाव हो रहे हैं, उसके साथ ही आपके यहां विधान-सभा के भी चुनाव हो रहे हैं। इसलिए आप लोगों को देश के साथ-साथ प्रदेश के भविष्य का फ़ैसला करना है। बहुत सोच-समझ कर निर्णय लेना है, अगर आपका फ़ैसला ग़लत हो गया, तो फिर पांच साल के लिए आप सबको वही दशा झेलनी पड़ेगी, जो BJP.BJD सरकारों के शासन-काल में झेलना पड़ा है।

       आपके यहां वह सब कुछ है, जो प्रगति और विकास के लिए ज़रूरी होता है। लेकिन कमी है, तो यहां शासन करने वाले नेताओं में और उनकी नीयत में है। क्ींउतं  च्वतज को हम प्दजमत छंजपवदंस  च्वतज बनाना चाहते हैं। बाढ़ की तबाही से बचाने के लिए हमारी केंद्र सरकार ने बयालीस करोड़ रुपये दिए, लेकिन आपके हित में योजनाएं और कार्यक्रम बनाना और उन्हें लागू करना तो दूर, केंद्र सरकार ने जो योजनाएं और कार्यक्रम पूरे देश के लिए और आपके प्रदेश के लिए बनाए, यहां के विकास के लिए हज़ारों-हज़ारों करोड़ रुपये दिए, वह सही ढंग से अगर इस्तेमाल हुआ होता, तो आप लोगों की ज़िंदगी में भी उसका असर दिखायी देता। सब कुछ आपके सामने है। आप इनके कामों और कांग्रेस पार्टी के कामों की तुलना अगर करेंगे, तो फ़र्क़ साफ़-साफ़ नज़र आएगा।

       कुर्सी के लिए आज कल मोर्चे ही मोर्चे बन रहे हैं। क्या इनका कोई आदर्श है? क्या इनका कोई सिद्धांत है? क्या इनका कोई कार्यक्रम और योजनाएं हैं? चंद दिनों पहले तक यहां की सरकार उस पार्टी के सहयोग से चल रही थी, जो आपके यहां और देश में धर्म और संप्रदाय के नाम पर राजनीति करती है, एक-दूसरे के दिलों में ज़हर घोलकर दंगे कराती है, देश में सामाजिक सद्भावना को तार-तार करती है। क्या इस तरह की राजनीति से देश और प्रदेश आगे बढ़ सकता है? इस तरह की राजनीति से सबको नुकसान होता है। इसलिए इनके बहकावे में नहीं आना चाहिए, इनसे सावधान रहना चाहिए।

       दूसरी तरफ़ कांग्रेस पार्टी है, जिसने जात-पांत, धर्म और संप्रदाय से ऊपर उठकर समाज के सभी वर्गो और क्षेत्रों की भलाई के लिए काम किए हैं और कर रही है। देश और समाज की एकता के लिए इंदिरा जी और राजीव जी जैसे हमारे महान् नेताओं ने अपने प्राण तक न्यौछावर किए हैं।

       जबसे दो हज़ार में प्रधानमंत्री डॉ0 मनमोहन सिंह जी के नेतृत्व में हमारी केंद्र सरकार ने पिछले पांच साल में देश और आम आदमी के हित में तमाम ऐतिहासिक योजनाओं और कार्यक्रमों की शुरुआत की। मिसाल के तौर पर देश भर में राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना लागू किया, ताकि गांवों के ज़रूरतमंद लोगों को कम से कम सौ दिनों के रोज़गार की सुरक्षा मिल सके। बच्चों के लिए दोपहर के भोजन योजना के चलते आज पंद्रह करोड़ मासूमों को रोज़ खाना मिल रहा है, इससे स्कूलों में बच्चों की मौजूदगी बढ़ी है। युवाओं को ध्यान में रखकर उनको एक उज्ज्वल भविष्य  देने के लिए हमने नवोदय विद्यालय, कॉलेजों, विश्व-विद्यालयों, Technical Training संस्थानों, की संख्या ज़बरदस्त बढ़ायी है, और हर ज़रूरतमंद छात्र को Scholarship के अलावा पढ़ाई के लिए कर्ज़ भी मिले हैं।

हमें मालूम है, कि हमारे किसान भाइयों को कभी सूखा, तो कभी बाढ़, तो कभी कर्ज़, तो कभी दूसरी परेशानियों से जूझना पड़ता है। इसी सबको ध्यान में रखकर हमने पैंसठ हज़ार करोड़ रुपये के कर्ज़ माफ़ किए, बैंक ऋण की दरों को घटाया और उनकी फ़सल ख़रीद की दरों को इतना बढ़ाया, जितना पहले कभी नहीं हुआ। सिंचाई की सुविधाओं को भी बढ़ाया। दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्ग के बच्चों को Scholarship दी जा रही है। आदिवासी भाइयों को जंगल की ज़मीन और उसकी उपज पर कानून बनाकर अधिकार दिया गया है। असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों के हक़ में कानून बनाने के साथ ही बीमा योजना और वृद्धावस्था पेंशन योजना लागू किया है। महिलाओं के हित में अनेक योजनाएं शुरू की हैं। गांवों और शहरों का बुनियादी ढांचा मज़बूत किया जा रहा है। यह हमारे संघर्षों और नेक इरादों का ही नतीजा है। हमारे ख़िलाफ़ खड़ी पार्टियों, BJD.BJP के लोगों से भी पूछिए, कि उन्होंने अपने शासन-काल में, देश की जनता के हित में, आपके हित में इस तरह के काम क्यों नहीं किए?

बहनो और भाइयो,

       हम खोखले वादे नहीं करते। हमारा काम खुद अपनी गवाही देता है। जो काम हमने पांच साल पहले शुरू किया है, उन्हें अभी आगे बढ़ाना है। हमने अपने घोषणा-पत्र में जिन कार्यक्रमों और योजनाओं का जि+क्र किया है, उन्हें पूरा करने के लिए आप सबके सहयोग और समर्थन की ज़रूरत है। सामाजिक एकता और भाई-चारे की ज़रूरत है, एक स्थिर और मज़बूत सरकार की ज़रूरत है। अनुभवी और योग्य नेतृत्व की ज़रूरत है। यह सब गुण कांग्रेस पार्टी में है, हमारे प्रधानमंत्री डॉ0 मनमोहन सिंह जी में है।

       इसलिए मेरा निवेदन है, कि चुनाव के दिन आप अपना एक-एक वोट कांग्रेस को देकर विधान-सभा और लोक-सभा के हमारे सभी उम्मीदवारों को भारी बहुमत से जिताएं, डॉ0 मनमोहन सिंह जी के हाथों को मज़बूत बनाएं, एक स्थायी और मज़बूत सरकार बनाकर देश और उड़ीसा के विकास में अपनी भूमिका निभाएं।

       इन्हीं शब्दों के साथ दूर-दूर से इस सभा में आने के लिए मैं आप सबको धन्यवाद देती हूं।

       जय-हिंद।

 


 
 

 

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