चुनाव 2009

 

कांग्रेस अध्यक्ष का भाषण

जनसभा

बेरहामपुर-उड़ीसा

2 अप्रैल, 2009

 

बुजुर्गो, बहनो और भाइयो,

     बेरहामपुर की धरती पर आकर किसी भी कांग्रेसजन को यह महसूस होता है, कि उसकी इज़्ज़त बढ़ी है। मैं आप सभी भाई-बहनों को हृदय से धन्यवाद देती हूं, कि आपने हमेशा कांग्रेस को अपना समर्थन दिया है। हमारे लिए इससे ज़्यादा खुशी और संतोष की बात क्या हो सकती है, कि आप कांग्रेस की नीतियों को समझते हैं, हमारी भावना को पहचानते हैं। मैं आपसे वादा करती हूं, कि हम भी आपकी उम्मीदों के मुताबिक काम करेंगे।

     पिछले पांच साल हमने केंद्र में डॉ0 मनमोहन सिंह जी के नेतृत्व में अपनी नीतियों और कार्यक्रमों के मुताबिक, कामयाबी के साथ अनेक ऐतिहासिक काम किए हैं। हमने अपने घोषणा-पत्र में जो वादे किए थे, उनमें से ज़्यादातर पूरे किए हैं।

     एक बात मैं आप सबकी जानकारी में लाना चाहती हूं। सुनते हैं एक और मोर्चा बन रहा है। उसमें जिन पार्टियों के शामिल होने की चर्चा है, कभी दूसरा-कभी तीसरा मोर्चा, कौन जाने कि- कौन, कहां और कब किसके साथ जाएगा। जितनी पार्टियां, उतने ही प्रधानमंत्री। इस तरह के लोग आम आदमी का मज़ाक उड़ाते हैं। हम उन लोगों में से नहीं हैं, जो वादे करते हैं और चुनाव के बाद सब कुछ भूल जाते हैं।

     देश इस तरह नहीं चलता, देश इस तरह आगे नहीं बढ़ता। देश की शक्ति के लिए, राजनीतिक स्थिरता के लिए, मज़बूत सरकार चाहिए, दूर-दर्शी नेतृत्व चाहिए, अनुभव, योग्यता और ईमानदारी चाहिए। यह सब कांग्रेस पार्टी में हैं, डॉ0 मनमोहन सिंह जी में है।

     इस समय लोक-सभा और आपकी विधान-सभा के चुनाव एक साथ हो रहे हैं। लोक-सभा के चुनावों पर सबकी निगाह है, क्योंकि वे राष्ट्रीय चुनाव हैं। इस पर आने वाले पांच सालों के लिए सारे देश का भविष्य जुड़ा हुआ है। इसी तरह आपके विधान-सभा चुनावों से आने वाले समय में उड़ीसा की दिशा और भविष्य का फ़ैसला होना है। फ़ैसला आपको करना है। इन चुनावों का जो भी नतीजा निकलेगा, उसका सबकी ज़िंदगी पर असर पड़ेगा। इसीलिए मैं कहना चाहती हूं, आपके हाथ में एक बहुत बड़ा अधिकार है, जिसका इस्तेमाल प्रदेश और देश की तक़दीर बदलता है। तो आपको किसी BJP.BJD, दूसरा और तीसरा मोर्चा के बहकावे में नहीं आना है। आप सिर्फ़ हमारी पार्टी का समर्थन करें।

     जब लोक-सभा के पिछले चुनाव हुए थे, तो हमने एक काम करने वाली सरकार देने का वादा किया था। एक ऐसी सरकार देने का वादा किया था, जो आम आदमी के लिए काम करेगी, देश के हित में काम करेगी, सामाजिक एकता और राष्ट्रीय एकता को मज़बूत करेगी। हमने यही कोशिश की है, इसी के लिए संघर्ष किया है।

     जिस समय सारी दुनिया में आर्थिक मंदी का माहौल है, उस समय भी हमारी आर्थिक स्थिति और विकास दर पर ज़्यादा फ़र्क+ नहीं पड़ा। यह भी हमारी नीतियों का नतीजा है।

     किसी भी सरकार का इम्तहान उसके काम से होता है। आज जो यहां शासन में हैं, उनसे और उनके साथियों से पूछिए, कि उन्होंने आम आदमी के लिए क्या किया है? ग़रीब, कमज़ोर और पिछड़े के लिए क्या किया है? दलित और आदिवासी, महिलाओं के लिए क्या किया है? नौजवानों के लिए क्या किया है? किसानों के लिए क्या किया है? 

     मैं खुशी के साथ कह सकती हूं, कि समाज का कोई भी वर्ग ऐसा नहीं है, जिसके हित में, हमने, महत्वपूर्ण क़दम नहीं उठाए।

देश के सभी ज़िलों में राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार योजना लागू करके हमने गांवों के ग़रीब और बेरोज़गार भाई-बहनों की ज़िंदगी में थोड़ी सी रोशनी लाने का प्रयास किया है। अपनी बहनों के लिए नये कानून बनाए हैं, ग़रीब, दलित, आदिवासी बच्चों, ख़ास तौर से लड़कियों के लिए शिक्षा की तमाम सुविधाएं, आदिवासियों के लिए जंगलों में अधिकार का कानून और Resettlement, Rehabilitation  का कानून बनाया। किसान भाइयों की कर्ज़ माफ़ी और उनकी फसल की इतनी क़ीमत जो इससे पहले कभी नहीं मिली-- ये सब साधारण काम नहीं हैं। भारत-निर्माण कार्यक्रम गांवों के विकास का बुनियादी ढांचा मज़बूत करने की दिशा में एक क्रांतिकारी क़दम है। इसी तरह शहरों के लिए जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन जैसा कार्यक्रम बना है।

     आज जब कांग्रेस के विरोधियों के पास कोई मुद्दा नहीं है, तो ये लोग आतंकवाद की बात करते हैं। आख़िर किस मुंह से ये लोग आतंकवाद की बात करते हैं। इनसे पूछिए जब हमारी संसद् पर हमला हुआ, एक के बाद एक कई आतंकवादी हमले हुए, तो किसका राज था? भाजपा का गृहमंत्री और उप-प्रधानमंत्री कौन था? मुझे लगता है, कि ज़्यादा अच्छा है, कि प्रधानमंत्री जी जैसे साफ़-सुथरी छवि वाले व्यक्ति पर झूठे आरोप लगाने और अपशब्दों का इस्तेमाल करने के बजाय, विपक्षी दल के नेता अडवाणी जी अपने समय के दंगे, NDA के समय के कुशासन और असफलताओं पर आत्म-चिंतन करें।

     यही नहीं अगर आप देखें, तो पिछले दस वर्षों में उड़ीसा में भी BJD और BJP के शासन के दौरान यही हुआ। उड़ीसा आगे बढ़ने की बजाय, पीछे गया है। ग़रीबी, बेरोज़गारी और बर्बादी बढ़ी है। भ्रष्टाचार बढ़ा है। यहां की प्राकृतिक दौलत को लूटा गया है। उड़ीसा जैसे सुंदर, शांत, आपसी प्रेम और भाई-चारे वाले प्रदेश में हिंसा और नफ़रत को बढ़ावा दिया गया।

बहनो और भाइयो,

     मैं आपसे पूछना चाहती हूं, कि इस तरह के लोगों की राजनीति से क्या देश और प्रदेश का विकास हो सकता है?

     अब इन सबसे मुक्त होने का समय गया है। अपने प्रदेश को फिर से प्रगति और विकास के रास्ते पर वापस लाने का समय गया है। देश को और तेज़ी के साथ आगे बढ़ाने का समय गया है।   इसीलिए मैं आपसे निवेदन करती हूं, कि चुनाव के दिन अपना एक-एक वोट हाथ के निशान को देकर कांग्रेस के सभी उम्मीदवारों को भारी बहुमत से जिताएं और देश के साथ-साथ उड़ीसा को प्रगति की ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।

     इन्हीं शब्दों के साथ मैं आप सबको इस सभा में आने के लिए धन्यवाद देती हूं।

     जय-हिंद।

 

 

 


 
 

 

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