चुनाव 2009

 

कांग्रेस अध्यक्ष का भाषण

जनसभा

बांसगांव-उत्तर प्रदेश

5 अप्रैल, 2009

 बुजुर्गो, बहनो और भाइयो,    

     महात्मा बुद्ध की इस जन्म-भूमि को भगवान महावीर और बाबा गोरखनाथ की इस पावन कर्म-भूमि को मैं प्रणाम करती हूं। तीर्थांकर महावीर ने जहां अहिंसा का संदेश सुनाया था, भगवान बुद्ध ने जहां धर्म और शांति का पाठ पढ़ाया था, मानवता की रक्षा के लिए जहां गोरखनाथ ने अपनी जान का दांव लगाया था, ऐसा है यह शहर। यह उन परंपराओं का शहर है, जिसके लिए भारत दुनिया में जाना जाता है। इसी शहर में सन् चालीस में अँग्रेज़ों ने हमारे महान् नेता पं0 जवाहरलाल नेहरू जी पर मुकदमा चलाया था और उन्हें चार साल की क़ैद-ए-ब-मशक्क़त सुनायी गयी थी। यह शहर सिर्फ़ अपने दान के लिए, बल्कि बलिदान के लिए भी जाना जाता है। यह शहर जाना जाता है चौरी-चौरा की आग के लिए और जाना जाता है फ़िराक़ के लिए।

     पर कुछ दिनों से ऐसा लगता है, जैसे इस शहर को पता नहीं किसकी नज़र लग गयी है। यहां अमन-चैन और भाई-चारे को कायम रखने की जगह, कुछ ऐसे लोग हैं, जो समाज में ज़हर घोलकर नफ़रत और हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं, यहां के सद्भाव को बिगाड़ रहे हैं। यही हो रहा है, आपके इस खूब-सूरत शहर में, पर काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती। अब वक्त गया है, जब आप इस तरह के लोगों को उनकी असली जगह दिखा दें।

     फ़ैसला आपको करना है, कि हमें कैसा समाज बनाना है, कैसे देश में अपने बच्चों को पढ़ाना-बढ़ाना है। कुछ ही दिन बाद हम देश की नयी केंद्र सरकार चुनने जा रहे हैं।

वक्त गया है, कि एक बार फिर से उत्तर प्रदेश के लोग देश को विकास के रास्ते पर वापस लाने में अपनी भूमिका निभाएं।

     आपके सामने पिछले पांच साल का केंद्र सरकार का Record मौजूद है। इसी आधार पर हम आपसे जनादेश लेने आए हैं। दो हज़ार चार से हमने कई ऐतिहासिक क़दम उठाए हैं। हमने ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना लागू की। असंगठित क्षेत्र के हमारे मज़दूर भाई-बहनों के हक़ों के प्रति कानून बनाया। जीवन बीमा और वृद्धावस्था पेंशन लागू किया। कसानों को राहत देने के लिए इकहत्तर हजार करोड़ रुपयों का कर्ज़ माफ़ किया, जिसका लाभ चार करोड़ परिवारों तक पहुंचा। सरकारी स्कूलों में छोटे बच्चों के लिए दोपहर के भोजन की योजना लागू की है। शिक्षा के विस्तार के लिए ऐतिहासिक क़दम उठाए हैं। नये नवोदय विद्यालय, Universities, IIT, IIM  और कॉलेजों की स्थापना की है। महिलाओं को आत्म-निर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू कीं।

     डॉ0 मनमोहन सिंह जी के नेतृत्व में हमारी केंद्र सरकार द्वारा उठाए गये क़दमों के कारण देश के सामने विकास और सामाजिक न्याय की शानदार उम्मीदें बनी हैं। पांच साल पहले भाजपा-NDA के राज में निराशा का जो वातावरण देश में बना था, उसकी जगह आत्म-विश्वास ने ले ली। जब हम विकास और सद्भाव के रास्ते पर बढ़ते हैं, तो चुनौतियां हमारे सामने आना स्वाभाविक हैं। इन चुनौतियों का सामना करने की पहली शर्त है-- राजनीतिक स्थिरता और सामाजिक सद्भाव। कांग्रेस की एक ख़ास चिंता यह है कि देश का, ख़ासकर पिछड़े हिस्सों और कमज़ोर वर्गों का विकास जल्दी से जल्दी कैसे हो।

     आज जब कांग्रेस के विरोधियों के पास कोई मुद्दा नहीं है, तो ये लोग आतंकवाद का मुद्दा उठा रहे हैं।

 

इनसे पूछिए जब हमारी संसद् पर हमला हुआ, जब एक के बाद एक कई आतंकवादी हमले हुए, तो किसका राज था? भाजपा का गृहमंत्री और उप-प्रधानमंत्री कौन था? मुझे लगता है, कि ज़्यादा अच्छा होता कि प्रधानमंत्री जी जैसे स्वच्छ छवि वाले व्यक्ति पर उंगली उठाना और अपशब्दों का इस्तेमाल करने के बजाय, विपक्षी दल के नेता अडवाणी जी अपने समय के दंगे, कुशासन और असफलताओं पर आत्म-चिंतन करें। आतंकवाद एक राष्ट्रीय चुनौती है और हम इसका मुक़ाबला करने में पूरी तरह काबिल हैं।

     आपके सामने ऐसे भी लोग हैं, जो आपका वोट मांगते वक्त उत्तर प्रदेश को अपराधियों से मुक्त कराने के वादे कर रहे थे। लेकिन आज उनके राज में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। जिससे आम आदमी सुरक्षित है  सरकारी कर्मचारी और हमारी प्यारी बहनें।

     सच तो यह भी है, कि पिछले बीस सालों से उत्तर प्रदेश में विकास ठप्प पड़ा है। जाति-धर्म की राजनीति करने वाली पार्टियां बार-बार जनादेश का दुरुपयोग कर रही हैं। आप खुद ही याद करें, कि इस दौर में आपके प्रदेश में कौन-सा नया उद्योग, कौन-सी नयी परियोजना शुरू हुई है। खुद गोरखपुर की ही मिसाल ले लीजिए, कांग्रेस सरकार द्वारा स्थापित की गयी धुरियापार चीनी मिल को प्रदेश सरकार ने बंद करा दिया है। बाकी चीनी मिलें, कताई मिलें भी बंद पड़ी हैं। चारों ओर बाढ़ से तबाही हुई है। पिछले वर्ष बाढ़ के बाद राहुल गांधी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था और केंद्र सरकार ने धन उपलब्ध कराया था, जिससे बांधों की मरम्मत हो सके। बीमारी और दूसरी तक़लीफ़ों से लोग परेशान हैं, लेकिन यहां के नेताओं का सारा ध्यान, धर्म के नाम पर अलगाववाद, जातिवाद और अपराधवाद की राजनीति करने पर है। 

 

बहनो और भाइयो,

     मुझे आपसे सिर्फ़ इतना और कहना है, कि लोकतंत्र में नागरिकों के अधिकार तो होते ही हैं, कर्तव्य भी होते हैं। हमारा कर्तव्य है, कि देश को विकास, एकता और न्याय के रास्ते पर ले जाने वाली राजनीति के साथ चलें। हमारा कर्तव्य है, कि उत्तर प्रदेश को सांप्रदायिकता, जातिवाद, अवसरवाद, अपराध और भ्रष्टाचार के दल-दल से निकालें। मुझे यकीन है, कि जब आप इन सब बातों को ध्यान में रख कर फ़ैसला करेंगे, तो इसी नतीजे पर पहुंचेंगे, कि आपका वोट कांग्रेस को ही मिलना चाहिए और आप अपने क्षेत्र के साथ-साथ, पूरे प्रदेश से कांग्रेस उम्मीदवारों को ही भारी बहुमत से जिताएंगे और केंद्र में एक स्थायी, एक मज़बूत सरकार बनाएंगे।

     आप सब इतनी बड़ी संख्या में दूर-दूर से यहां आये, इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

     जय-हिन्द।

 

 


 
 

 

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