चुनाव 2009

 

कांग्रेस अध्यक्ष का भाषण

इलाहाबाद(उत्तर प्रदेश)

19 अप्रैल, 2009

 

भाइयो, बहनो और बुजुर्गों,

       यह एक ऐतिहासिक और स्वाधीनता सेनानियों की धरती है, पवित्र धरती है, ऐसी धरती पर आकर किसी का भी सिर शान से ऊंचा हो जाता है। नेहरू जी, शास्त्री जी और इंदिरा जी जैसे प्रधानमंत्री देने का गौरव भी इसी नगरी को रहा है। यह हमारी पुश्तैनी धरती भी है। ऐसी महान् धरती को मैं प्रणाम करती हूं।   

       इलाहाबाद नौजवानों की हल-चल का शहर है। देश के सभी प्रमुख आंदोलनों में यहां के नौजवानों ने ख़ासकर छात्र-नेताओं ने विशेष योगदान दिया है। आज हमारे देश में सौ में से सत्तर प्रतिशत लोग पैंतीस वर्ष से कम उम्र के हैं। इस कारण इन नौजवानों से मैं विशेष तौर पर संवाद करने आयी हूं।

       पिछले बीस वर्ष से प्रदेश में ऐसी पार्टियों का राज है, जिनकी कोई विचारधारा है और सिद्धांत। कभी ये पार्टियां जातिवाद का ज़हर फैलाकर, तो कभी सांप्रदायिकता के बल पर और कभी अपराधियों की ताक़त से सिर्फ़ सत्ता प्राप्त करना चाहते हैं, इनके पास देश के, प्रदेश के विकास के लिए कोई योजना या दूर-दृष्टि भी नहीं। इक्कीसवीं सदी भारत के नौजवानों की सदी है, जिसका सपना राजीव जी ने आज से बीस वर्ष पहले देखा था। आप में से बहुत सारे नौजवान इस चुनाव में पहली बार अपने मत का प्रयोग करेंगे, और वह कैसे? राजीव जी की वजह से, क्योंकि उन्होंने ही वोट देने की उम्र अठारह वर्ष की थी।

       मैं आप लोगों से पूछती हूं, कि क्यों आज इलाहाबाद तेज़ी से विकास की दौड़ में आगे बढ़ रहा है?

क्या हुआ यहां के औद्योगिक विकास का, जिसकी नींव कांगे्रस सरकार ने रखी थी? पिछले बीस साल में क्या कोई बड़ी परियोजना लगी है यहां पर? क्यों यहां का नौजवान शिक्षा और रोज़गार के लिए भटक रहा है?

       ये कहानी सिर्फ़ इलाहाबाद की नहीं है, पूरे उत्तर प्रदेश की है। उत्तर प्रदेश जाना जाता था विचारवान लोगों के लिए, साहित्य-शिक्षा और संस्कृति के विद्वानों के लिए, और जाना जाता था, देश की स्वतंत्रता के वीरों के लिए। अफ़सोस की बात है, कि वही उत्तर प्रदेश आज अपराध और भ्रष्टाचार का गढ़ बन गया है।

       अब यह फ़ैसला इलाहाबाद को करना है, ख़ासकर नौजवानों को, कि कौन विकास, सामाजिक न्याय और सांप्रदायिक सद्भाव के प्रति गंभीर है और किसके लिए ये सिर्फ़ सत्ता तक पहुंचने की सीढ़ियां हैं। आपके सामने हमारे काम भी हैं, और विरोधियों के खोखले वादे भी। आप जानते ही हैं, कि जब केन्द्र में हमारी सरकार बनी, तो हमने जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन के माध्यम से इलाहाबाद में बुनियादी ढांचा मज़बूत करने का काम शुरू किया। छात्रों, शिक्षकों की मांग का संमान करते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्व-विद्यालय का दर्ज़ा दिलवाया। हमने BPCL और ITI को बिकने से बचाया। हम जानते हैं, कि कोल जाति के लोग, लम्बे समय से अनुसूचित जाति में शामिल होने की मांग कर रहे हैं। हम पूरी कोशिश करेंगे, कि उन्हें अनुसूचित जाति में शामिल किया जाए। हम गंगा की पवित्रता और स्वच्छता को बनाये रखना चाहते हैं। हमने गंगा नदी को राष्ट्रीय नदी घोषित कर यहां के साथ-साथ करोड़ों देशवासियों की भावनाओं का संमान किया है। जिस तरह हमने केंद्र में लगातार काम किया है, इसी तरह इलाहाबाद और पूरे उत्तर प्रदेश में काम करने के लिए कांग्रेस पार्टी पूरी तरह समर्पित है। इसके लिए आप सभी के सहयोग और समर्थन की ज़रूरत है।

       आपकी समस्याओं के हल के लिए, यहां के विकास के लिए जो भी मदद की ज़रूरत है, केंद्र सरकार उसे देने के लिए तैयार है, लेकिन अगर कमी है, यहां शासन करने वालों की नीतियों और इरादों में है।

       आप जानते हैं, कि पिछले पांच सालों में प्रधानमंत्री डॉ0 मनमोहन सिंह जी के नेतृत्व में, बिना किसी भेद-भाव के सभी प्रदेशों को खूब सहायता दी। ख़ास कर उत्तर प्रदेश को। राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार योजना द्वारा ग्रामीण बेरोज़गारों को रोज़गार दिया गया है, किसानों के पैंसठ हज़ार करोड़ रुपये का कर्ज़ माफ़ करने के साथ ही उनकी उपज का खरीद मूल्य इतना बढ़ाया है, जितना पहले कभी नहीं बढ़ा। इससे देश भर के किसानों की ज़िंदगी में एक नयी रोशनी आयी है। नौजवानों को उच्च शिक्षा मिले, इसके लिए तमाम तकनीकी शिक्षा संस्थाओं की स्थापना की है। अक्लियतों के उत्थान के लिए अलग से एक नया मंत्रालय बनाया है, और उनके बच्चों के साथ ही दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों के बच्चों के लिए Scholarship की व्यवस्था की गयी है। स्कूलों में बच्चों को दोपहर का भोजन, स्वास्थ्य मिशन के ज़रिए 'आशा' कार्यकर्ताओं की भर्ती और आंगनवाड़ियां बढ़ायी गयी हैं। असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों के हक़ में कानून बनाने के साथ ही बीमा योजना और वृद्धावस्था पेंशन योजना की व्यवस्था की गयी है। पूरे देश में बिजली की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर ही परमाणु करार किया गया है। सड़क, बिजली, पानी और आवास के साथ ही गांवों और शहरों के बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने जैसे कामों के लिए, सभी राज्यों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को भी हज़ारों करोड़ रुपये दिए गये, लेकिन उसका असर दूर-दूर तक कहीं भी दिखायी नहीं पड़ रहा है। इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है? इसके लिए अगर कोई ज़िम्मेदार है, तो प्रदेश की सरकार ज़िम्मेदार है, और आप सबको इसके बारे में उससे पूछना चाहिए, हिसाब मांगना चाहिए। हमारी उपलब्धियों से कुछ लोग जलते हैं, कितना भी जलें पर हमर जन-हित के काम करते रहेंगे।

बहनो और भाइयो,

       एक मज़बूत नेता ने एक अफ़सोस जनक बयान दिया, पाकिस्तान में और फिर उन्हें पीछे हटना पड़ा, एक संगठन के आदेश पर उनको पार्टी अध्यक्षता को भी छोड़ना पड़ा। हम तो किसी संगठन के आदेश पर नहीं चलते है, हम आम आदमी की इच्छाओं पर और आदेश पर चलते हैं।  एक तरह वे पार्टियां हैं, जो जाति धर्म और संप्रदाय के नाम पर राजनीति कर रही हैं, दूसरी तरफ़ कांग्रेस पार्टी है, जिसने समाज के सभी वर्गों, ख़ास तौर पर ग़रीब, पिछड़े, अक्लियत, दलित, आदिवासी, महिलाओं को अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों में विशेष स्थान दिया है और उनकी प्रगति और विकास के लिए, हमेशा संघर्ष करती रही है। समाज में एकता और भाई-चारे के लिए संघर्ष करती रही है। 

       इसलिए मेरा आपसे निवेदन है, कि देश में एक मज़बूत और स्थायी सरकार बनाने के लिए जाति, धर्म और संप्रदाय से ऊपर उठकर, अपना एक-एक वोट कांग्रेस को देकर हमारे सभी उम्मीदवारों को भारी बहुमत से जिताएं, यह जीत आपकी जीत होगी, उत्तर प्रदेश की जीत होगी, एक-एक नागरिक की जीत होगी।

       इन्हीं शब्दों के साथ आप सबको इस सभा में आने के लिए धन्यवाद देती हूं।    

       जय-हिन्द।

 


 
 

 

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